कैडर रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट में विलंब से केंद्रीय सचिवालय के कर्मचारियों में रोष

० संवाददाता द्वारा ० 
नई दिल्ली। केंद्रीय सचिवालय के कर्मचारियों की सेवा शर्तों में सुधार हेतु केन्द्र सरकार ने देश की आजादी के बाद 27 अक्तूबर 2022 को पहली बार सभी श्रेणियों के साथ-साथ सबसे निचले स्तर के कर्मचारियों एम.टी.एस. और सी.एस.सी.एस.के कल्याण के लिए भी अलग से कैडर रिव्यू कमेटी का गठन कियाI 
केन्द्रीय सचिवालय अऱाजपत्रित कर्मचारी संघ ने सरकार के इस कार्य के साथ-साथ हजारों कर्मचारियों की पदोन्नती पर सरकार का बहुत बहुत आभार व्यक्त किया हैI

 केन्द्रीय सचिवालय के कर्मचारियों के कल्याण के लिए और केन्द्र सरकार के कार्यों में और अधिक कार्यकुशलता लाने के लिए विभिन्न मंत्रालयों/विभागों ने कार्मिक विभाग को सुझाव दिया कि एम.टी.एस, सी.एस.सी.एस.,सी. एस.एस.के कर्मचारियों की वर्तमान संख्या काफ़ी कम है,यथा जे.एस.एके 3600 पद, एस.एस.ए. के 60:40 के अनुपात में 2400 पद, ए.एस.ओ.के 1200 पद, एस. ओ.के450 पद, अवर सचिव के 150 पद , उप सचिव और निदेशक के लगभग 300 पद यह संख्या ज्यादा भी हो सकती हैI

केन्द्रीय सचिवालय अऱाजपत्रित कर्मचारी संघ ने सरकार के समक्ष माँग रखी है कि 2002 से सचिवालय में जे.एस.एस की भर्ती नहीं हुई है I वर्तमान में सचिवालय में लगभग 10500 डी.ई.ओ.कॉन्ट्रेक्ट पर विगत 19 सालों से काम कर रहे हैं, जिनसे जे.एस.एका कार्य लिया जा रहा है Iअर्थात सचिवालय में इतने जे.एस.एपदों की आवश्यकता हो सकती हैI दूसरी तरफ हजारों एम.टी.एसकर्मचारी 30-35 सालों की सरकारी सेवा के पश्चात् बिना किसी प्रमोशन के सेवा निवृत हो गए हैंऔर भारी संख्या में प्रत्येक माह सेवा निवृत हो रहे हैंI

 इस अल्प-आय कर्मचारियों की व्यापक पैमाने पर पदोन्नती केवल जे.एस.एके पद सृजन कर के ही की जा सकती है I इससेजे.एस.एके पद पर कार्यरत कर्मचारियों के पदोन्नती के रास्ते खुलेंगे I3rd कैडर रिव्यू कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जे.एस.एके 200 पद प्रत्येक वर्ष भरे जाए किन्तु आज तक यह पद नहीं भरे गए हैI कर्मचारियों में इसे लेकर संशय व भय व्याप्त है किकहीं पहलेकी तरह जे.एस.एके पद न भरकर उनके भविष्य को तो नहीं उजाड़ दिया जाएगाIइसके साथ-साथ अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों के कल्याण के लिए विभन्न मांगों पर विचार किया जाये।

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