साहबी नदी को नाले मे तब्दील करके गाँवों कि ज़मीन को जलमग्न करना दुर्भाग्यपूर्ण : सुरेन्द्र सोलंकी

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली - रावता गाँव के दौरे पर पालम 360 के प्रधान चौ सुरेन्द्र सोलंकी पहुँचे वहाँ मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 30 सालों से वे अपनी ज़मीन पर खेती नहीं कर पा रहे है साहबी नदी इसलिये बनाई गई थी कि यहाँ पर बरसात के पानी निकासी हो सके लेकिन लगभग 1996 से ही जो बांध हरियाणा और दिल्ली के लिए बनाया गया था वो टूटा पड़ा है और प्रशासन द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया हर साल बरसात के मौसम में सैकड़ो एकड़ ज़मीन पाने में जल मगन हो जाती है न गाँव वाले अपनी ही ज़मीन पर खेती नहीं कर पाते थे और हमेशा पानी भरने की वजह से सैकड़ों बीमारियों का ख़तरा होता है जिससे ग्रामीण जूझ रहे।

सुरेन्द्र सोलंकी ने कहा वे इस मुद्दे को दिल्ली के उपराज्यपाल एवं सरकार के सामने रखेंगे और जल्द ही इसका समाधान करवाने का प्रयास करेंगे अगर सरकार ने हमारी माँग को जल्द नहीं मानी और इस पानी का समाधान नहीं किया तो आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा । इस समस्या से घुम्हानहेदा, रावता, सारंगपुर,बदूसरा,दौराला जैसे अनेकों गाँव प्रभावित है।

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