कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक बहुत ही सहायक एवं महत्वपूर्ण उपकरण है

० योगेश भट्ट ० 
 नई दिल्ली - साइबर क़ानून, साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "उद्योग-विशिष्ट संदर्भों में एआई" विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई। सत्र की अध्यक्षता भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर पब्लिशिंग के सीईओ और प्रकाशक आलोक के. ब्रारा ने की। प्रख्यात पैनलिस्टों में सीएमएआई के अध्यक्ष एन. के. गोयल; एडवोकेट दीपक गुप्ता; सीए संजय गुप्ता; आईआईपीए से प्रो. (डॉ.) चारु मल्होत्रा; डॉ. दीपक साहू; प्रीमियर शील्ड ग्रुप के सीएमडी पवनजीत सिंह अहलूवालिया; हिमालिनी पत्रिका, नेपाल के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख प्रो.एस. एस. डोगरा; और गोडान के पूर्व कार्यकारी निदेशक आंद्रे लेपेरियर शामिल थे।

 प्रत्येक वक्ता ने उक्त विषय पर अपने-अपने विचार और अनुभव साझा किए कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभिन्न उद्योगों में उद्योग-विशिष्ट प्रक्रियाओं को बदल रही है। पैनलिस्टों ने सर्वसम्मति से माना कि एआई उनके व्यावसायिक क्षेत्रों में एक सहायक और लाभकारी उपकरण के रूप में महत्वपूर्ण है। चर्चा में यह रेखांकित किया गया कि एआई ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने, जटिल कार्यों को सुगम बनाने, और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान प्रदान करने में सक्षम है। एडवोकेट डॉ. पवन दुग्गल ने सभी पैनलिस्टों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किए।

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