राजस्थान दिवस पर त्रेता युग की याद दिलाई मानस रामलीला के माध्यम से

० आशा पटेल ० 
जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य सभागार में मानस रामलीला का नाट्य मंचन किया गया।
राजस्थान दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग की ओर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रंखला के तहत यह नाटक खेला गया। अयोध्या प्रसाद गौड़ लिखित व राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय( एनएसडी) ग्रेजुएट नाट्य निर्देशक दम्पति अरू-स्वाति व्यास द्वारा निर्देशित इस नाटक में मंच पर 82 कलाकारों ने अभिनय किया वहीं 16 कलाकारों द्वारा मंच पार्श्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। अभिनय गुरूकुल, जोधपुर के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को मंचीय अभिनय सहित फिल्म एवं टेलीविजन वाले अभिनय का रूप भी दिखाया। 
मानस रामलीला में रामचरित मानस को केवट के दृष्टिकोण से समझाया गया। क्या है मानस रामलीलाः- लेखक अयोध्या प्रसाद गौड़ के अनुसार मानस रामलीला एक नाट्य है जिसे गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरित मानस से प्रेरित हो कर लिखा गया है। उन्होंने बताया की आज 21 वीं सदी में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र व गुणों, कथन व करनी को अपनाने की अत्यधिक आवश्यकता है, ऐसे में मानस रामलीला द्वारा युवाओं को रामचरित के पात्रों के प्रेरित करने का प्रयास किया गया है। क्या है विशेषताः मानस रामलील में देश, काल व परिस्थितियां रामायण काल की हैं लेकिन उसे संवाद प्रमुखता के साथ मंचित किया गया, जबकि आमतौर पर रामलीला के मंचन के दौरान हमें हमेशा संगीत व दृश्य प्रधान भाव-भंगिमाओं के साथ प्रदर्शित किया जाता है।
मानस रामलीला की शुरुआत सूत्रधार के रूप रामचरित मानस के महत्पूर्ण पात्र केवट द्वारा की गई क्योंकि रामायण काल में भी केवट सभी के लिए चिर-परिचित थे और आज के समय में भी केवट किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। अरुण गोविल की आवाज गू्ंजीः मानस रामलीला के दौरान राम की भूमिका निभाने वाले पात्र को आवाज दी कालजयी धारावाहिक में श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने। उनकी आवाज में रिकॉर्ड किए गए संवाद दर्शकों को आधुनिक काल में भी त्रेता युग की याद दिलाने में सफल रहे। इस नाटक में तुलसीदास द्वारा रचित "रामचरितमानस" व रामलीला की मूल आत्मा को जीवित रखा गया| संवाद प्रधान नाट्य रचना के कारण मंचन के दौरान दर्शकों को कथा के साथ गहरी जुड़ाव महसूस हुआ ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

महामना मालवीय मिशन,जयपुर द्वारा मालवीय जयंती मनाई

कृष्ण चंद्र सहाय स्मृति समारोह : सवाई सिंह को सहाय स्मृति सम्मान

वरिष्ठ पत्रकार कानाराम कड़वा और कमलेश गोयल को पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. नरेन्द्र शर्मा ‘कुसुम’ कृत ‘खूब लड़ी मर्दानी’ अंग्रेजी रूपान्तरण का लोकार्पण

पुणे ग्रैंड टूर 2026 भारत की पहली अंतरराष्ट्रीय साइक्लिंग रोड रेस की शुरुआत

एमएनआईटी जयपुर एल्युमिनी एसोसिएशन ने किया गोल्डन जुबली व सिल्वर जुबली बैच के पूर्व छात्रों का सम्मान