मैपिंग के बावजूद वोट कटने की शिकायतें,लोग परेशान और भयभीत
0 इरफ़ान राही 0
नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट एवं चेयरमैन, सैफ़ी उर्दू सेंटर, द्वारका इरफ़ान राही ने कहा है कि SIR के फ़ॉर्म जारी हो चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि मैपिंग होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी गरीब मजदूरों, किरायेदारों और रोज़ कमाने-खाने वाले लोगों को हो रही है।
नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट एवं चेयरमैन, सैफ़ी उर्दू सेंटर, द्वारका इरफ़ान राही ने कहा है कि SIR के फ़ॉर्म जारी हो चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों से ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि मैपिंग होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी गरीब मजदूरों, किरायेदारों और रोज़ कमाने-खाने वाले लोगों को हो रही है।
जब उनके वोट की जाँच की जाती है तो कई लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं मिलता। हैरानी की बात यह है कि ऐसे अनेक लोग पिछले सभी चुनावों में लगातार बिना किसी रुकावट के मतदान करते रहे हैं, फिर भी आज उनका नाम मतदाता सूची से गायब है। ऐसी स्थिति में कई लोग भावुक होकर रो पड़ते हैं, जबकि अनेक लोग गहरी चिंता, हैरानी और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
इरफ़ान राही ने भारत निर्वाचन आयोग से मांग की है कि जिन नागरिकों के नाम पिछले वर्ष की मतदाता सूची में दर्ज थे और जिनके पास वैध पहचान संबंधी दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, ऐसे लोगों की सूची बीएलओ (BLO) के माध्यम से तैयार कर उन्हें पुनः SIR फ़ॉर्म उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें अपना वोट बहाल कराने का उचित अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि यदि वास्तविक मतदाताओं को यह अवसर नहीं दिया गया तो यह उनके साथ अन्याय होगा। इससे निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लग सकते हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह आवश्यक है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान का अधिकार सुरक्षित रहे।
इरफ़ान राही ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जाँच लें। यदि किसी का नाम सूची में नहीं मिलता है, तो वह बिना देरी किए संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें, ताकि भविष्य में अपने संवैधानिक मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
टिप्पणियाँ