आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना पर जयपुर में हुआ राज्य स्‍तरीय जागरुकता कार्यक्रम

० आशा पटेल ० 
जयपुर : बैंक ऑफ़ बड़ौदा के संयोजन में कार्यरत राज्‍य स्‍तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) द्वारा भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही “आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना” पर राज्‍य स्‍तरीय जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि मुख्‍य सचिव, राजस्‍थान सरकार वी श्रीनिवास रहे।
मुख्‍य अतिथि वी श्रीनिवास, संयोजक राज्‍य स्‍तरीय बैंकर्स समिति, राजस्‍थान एवं महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुश्री परिमिता मिश्रा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी – RITI सत्येन्द्र कुमार, राजस्थान सरकार, राव क्षितिजराज सिंह, उप महाप्रबंधक, FIDD – भारतीय रिज़र्व बैंक, निदेशक MSME – DFO प्रदीप ओझा, अध्यक्ष – लघु उद्योग भारती महेन्द्र मिश्रा तथा सहायक महाप्रबंधक – NCGTC मेधा गुरव द्वारा दीप प्रज्ज्‍वलन के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुख्‍य सचिव वी. श्रीनिवास ने ईसीएलजीएस 5.0 योजना की विशेषताओं पर कहा कि “भारत सरकार द्वारा शुरु की गई यह योजना अर्थव्‍यवस्‍था की सुदृढ़ता के लिए एक अच्‍छी पहल है, विशेष कर तब जब कि पूरी दुनिया भू-राजनितिक संकट की चुनौतियों से जूझ रही हो। पश्चिम एशिया क्षेत्र में उभरे तनाव के दौर में भी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था अपनी मजबूत स्थिति में है। भारत सरकार तथा भारतीय रिज़र्व बैंक की सकारात्‍मक पहलों के कारण ही भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था पर बाहरी संकटों का प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाई दिया है।
उन्‍होंने कहा कि यह योजना एमएसएमई क्षेत्रों के लिए बहुत उपयोगी है। इसके अलावा सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक भी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को बाहरी संकट से सुरक्षित रखने के लिए हर संभव पहल कर रही है। उन्‍होंने राज्‍य में बैंकों तथा मुख्‍य रूप से राज्‍य स्‍तरीय बैंकर्स समिति की सक्रियता का भी जिक्र किया और समिति के नेतृत्‍व और प्रयासों की सराहना की।
उन्‍होंने कहा कि “ईसीएलजीएस 5.0 योजना का उद्देश्य वैश्विक व्यवधानों, विशेषकर हालिया पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न लिक्विडिटी चुनौतियों का सामना कर रहे उद्यमों को समय पर सहयोग प्रदान करना है। इसका लक्ष्य संचालन की निरंतरता सुनिश्चित करना, रोजगार को सुरक्षित करना तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करना है। बैंकों को अपने प्रयासों को और मजबूत करना होगा तथा उद्यमियों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आगे आना होगा।
कार्यक्रम में संयोजक, राज्‍य स्‍तरीय बैंकर्स समिति, राजस्‍थान एवं महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा सुश्री परिमिता मिश्रा ने भी आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना की उपयोगिता पर प्रकाश डाला तथा एमएसएमई क्षेत्र और भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए इसे अत्‍यंत लाभकारी बताया। उन्‍होंने कहा कि “ईसीएलजीएस 5.0 केवल एक वित्तीय योजना नहीं है, बल्कि यह आर्थिक पुनरुत्थान का मिशन है। बैंकरों की जिम्मेदारी है कि वे इस मिशन को वास्तविकता में बदलें। सामूहिक और दक्ष प्रयासों से हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि योजना का लाभ हर पात्र उद्यमी तक पहुँचे और भारत को और मजबूत बनाए।

मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, RITI सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि सभी संस्थानों को बैंकों के साथ मिलकर इस योजना को सफल बनाने हेतु गहन प्रयास करने होंगे। कार्यक्रम में एमएसएमई क्षेत्र के उद्यमियों की सफलता की कहानी की प्रस्‍तुति भी दी गई। इसके साथ ही पात्र लाभार्थियों को मुख्‍य अतिथि एवं अन्‍य गणमान्‍य अधिकारियों द्वारा योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर एनसीजीटीसी एवं पीएसबी एलांयस टीम द्वारा योजना संबंधी प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम में उप सचिव, भारत सरकार, वित्तीय सेवाएं विभाग, गरिमा कपूर ने भी ऑनलाइन माध्‍यम से प्रतिभागियों को वित्तीय सेवाएं विभाग की अपेक्षाओं से अवगत कराया। भारतीय रिज़र्व बैंक के उप महाप्रबंधक राव क्षितिजराज सिंह ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर राज्‍य स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित, निजी क्षेत्र के बैंक, ऋणदाता संस्‍थान सहित बड़ी संख्‍या में उद्यमी तथा लाभार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में राज्‍य स्‍तरीय बैंकर्स समिति, प्रमुख एवं उप महाप्रबंधक राज कुमार मीना भी उपस्थित रहे।

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