विश्व बौद्ध महासंघ में भारत महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष नियुक्त हुईं डॉ.अनुभा पुंडीर चौहान
० योगेश भट्ट ०
देहरादून | ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, देहरादून की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान को विश्व बौद्ध महासंघ (World Buddhist Federation) के भारत महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष (Vice President – Women's Wing, India) नियुक्त किया गया है। उन्हें वर्ल्ड पीस इंस्टीट्यूट–संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से इस दायित्व के लिए नियुक्त होने वाली प्रथम प्रतिनिधि के रूप में भी माना जाता है।
अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित "झोलाप्रेन्योर" डॉ. चौहान "भारतीय झोला वुमन" के नाम से विख्यात हैं। उन्होंने एकल-उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के झोले को अपनाने हेतु एक अनूठा जन-जागरूकता अभियान चलाया है। उनके इस अभियान ने भारतीय हथकरघा, स्वदेशी कला, सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया है।
डॉ. चौहान एक प्रशिक्षित शास्त्रीय कलाकार एवं सांस्कृतिक दूत भी हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कला और भारतीय परंपराओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावी संदेश दिया है।
अपने नवीन दायित्व में डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान महिला सशक्तिकरण, शांति, करुणा, सांस्कृतिक समरसता तथा मानवीय सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगी तथा भारत एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्व बौद्ध महासंघ का प्रतिनिधित्व करेंगी
देहरादून | ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, देहरादून की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान को विश्व बौद्ध महासंघ (World Buddhist Federation) के भारत महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष (Vice President – Women's Wing, India) नियुक्त किया गया है। उन्हें वर्ल्ड पीस इंस्टीट्यूट–संयुक्त राष्ट्र (United Nations) से इस दायित्व के लिए नियुक्त होने वाली प्रथम प्रतिनिधि के रूप में भी माना जाता है।
अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित "झोलाप्रेन्योर" डॉ. चौहान "भारतीय झोला वुमन" के नाम से विख्यात हैं। उन्होंने एकल-उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े के झोले को अपनाने हेतु एक अनूठा जन-जागरूकता अभियान चलाया है। उनके इस अभियान ने भारतीय हथकरघा, स्वदेशी कला, सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण संरक्षण को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया है।
डॉ. चौहान एक प्रशिक्षित शास्त्रीय कलाकार एवं सांस्कृतिक दूत भी हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कला और भारतीय परंपराओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा सांस्कृतिक मूल्यों का प्रभावी संदेश दिया है।
अपने नवीन दायित्व में डॉ. अनुभा पुंडीर चौहान महिला सशक्तिकरण, शांति, करुणा, सांस्कृतिक समरसता तथा मानवीय सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगी तथा भारत एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्व बौद्ध महासंघ का प्रतिनिधित्व करेंगी
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