विकास और समाज सेवा के क्षेत्रों में योगदान के लिए राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्रदान किया गया


राष्ट्रीय युवा पुरस्कार 2016-17 के लिए 20 खिलाड़ियों एवं तीन संगठनों को प्रदान किया गया. एकल पुरस्कार एक पदक, एक प्रमाणपत्र और 50 हजार रुपए के नकद पुरस्कार से निर्मित होता है। युवा संगठन को दिए जाने वाले पुरस्कार में एक पदक, एक प्रमाणपत्र और 2 लाख रूपए का नकद पुरस्कार शामिल होता है। इसके अतिरिक्त “भारतीय युवाओं की दृष्टि से चीन-2019” पर एक फोटो प्रदर्शनी के लिए भी तीन एकल पुरस्कार दिए गए।


नयी दिल्ली - केन्द्रीय खेल मामले एवं कार्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजीजू ने यहां विकास और स्वास्थ्य, मानवाधिकार संवर्धन, सक्रिय नागरिकता, समुदाय सेवा इत्यादि जैसे  समाज सेवा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य एवं योगदान के लिए एकल (15-29 वर्ष की आयु के बीच) एवं संगठनों को राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्रदान किया।


युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा दिए गए पुरस्कारों का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय विकास एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता अर्जित करने के लिए प्रेरित करना, युवाओं को समुदाय के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना और इस प्रकार अच्छे नागरिकों के रूप में उनकी खुद की व्यक्तिगत क्षमता में सुधार लाना और समाज सेवा सहित राष्ट्रीय विकास के लिए युवाओं के साथ काम करने वाले स्वयंसेवी संगठनों द्वारा किए गए असाधारण कार्य को सम्मानित करना है।


राष्ट्रीय युवा पुरस्कार समारोह के दौरान किरेन रिजीजू ने “भारतीय युवाओं की दृष्टि से चीन-2019” पर एक फोटो प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। ये उन युवा प्रतिनिधियों द्वारा लिए गए चित्रों की प्रदर्शनी थी जिन्होंने हाल ही में चीन में युवा विनिमय कार्यक्रम में भाग लिया था।


पुरस्कार के विजेताओं को बधाई देते हुए और अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर सबको शुभकामनाएं देते हुए रिजीजू ने कहा कि उनका  विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार समारोह एक ऐसा ही समारोह है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत बेशुमार क्षमताओं से भरा एक युवा देश है। देश का विकास युवाओं के हाथों में है जो उसके भविष्य को आकार दे सकते हैं। अगर युवाओं की ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग किया जाए तो विभिन्न क्षेत्रों में देश की प्रगति में गति आ सकती है और युवा समृद्ध बन सकते हैं।


मंत्री ने कहा कि युवा आदर्शवादी होते हैं, उनका लक्ष्य ऊंचा होता है और जब वे अपने प्रयासों के माध्यम से उन लक्ष्यों को अर्जित करते हैं तो यह आवश्यक हो जाता है कि उनके प्रयासों को सम्मानित किया जाए जिसकी कोशिश इस कार्यक्रम के जरिए की गई है। श्री रिजीजू ने कहा कि पुरस्कार विजेताओं को सम्मान एवं प्रोत्साहन देते हैं लेकिन इसके साथ-साथ उन पर उनके द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी भी सुपुर्द हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को विचारों एवं कार्यों में वृद्ध नहीं होना चाहिए और हृदय से जवान बना रहना चाहिए।


 


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