आओ मिलकर कदम बढ़ायें


लेखक - विजय सिंह बिष्ट 


आओ मिलकर कदम बढ़ायें।
नेक कदम हों, रुकने न पायें।
बढ़ते रहें,पल पल बढ़ते जायें।
सत्य पथ पर से डिगने न पायें।
आओ मिलकर कदम बढायें।


करते रहें सुकर्म , मुड़ने न पायें।
आत्म विश्वास से बढ़ते जायें।
विपत्तियों को दूर भगायें।
सिर कटे भले, पर पीठ न दिखायें।
मातृभूमि रक्षण में जीवन लगायें।
प्रगति पथ पर , बढ़ते जायें।
आओ मिलकर कदम बढायें।


एक एक कर जुड़ते जायें।
परहित करके  दिखलायें।
सद्भावना हो मन में,द्वेश मिटायें।
आओ मिलकर कदम बढायें।


राजनीति की चाहे पैनी हो धार।
दल बलों की चाहे चले बयार।
नहीं बदलेंगे हम, अपना व्यवहार।
अपने मातृभाव को सदा बनायें।
आओ मिलकर देश बनायें।
प्यारा भारत देश हमारा
इसकी रक्षा में बलि बलि जायें।
आओ मिलकर कदम बढ़ायें।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स हुए लामबंद

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

कोटद्वार के चिल्लरखाल रोड निर्माण समस्या को लेकर 230 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर दिल्ली पंहुचा पत्रकार

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

ईद मिलन एवं सैफी सम्मान समारोह में दिखी एकता की मिसाल,संस्थाओं को किया गया सम्मानित

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार