दो जुलाई को कोलकाता भारतीय शास्त्रीय कला और संगीत का गवाह बनेगा

० संवाददाता द्वारा ० 
Kolkata, संगीत और कला का एकमात्र रूप मल्हार (मूसलधार बारिश) के मौसम का एक भव्य उत्सव, हिंदुस्तानी वोकल्स में राग मल्हार और एक शानदार कथक की प्रस्तुति, जो गरजते मानसून के मौसम की चरम और प्रचंड प्रकृति को पकड़ सकता है। कथक की प्रस्तुति पद्म विभूषण पं. बिरजू महाराज जी की पोती शिंजिनी कुलकर्णी करेंगी। हिन्दुस्तानी गायन बनारस घराने की 13वीं पीढ़ी के वंशज पं.दीपक कुमार मिश्रा व पं. प्रकाश मिश्र द्वारा गाया जाएगा।

इस कार्यक्रम का आयोजन १९७० में स्थापित संगीत विद्यापीठ, के पं. बूंदी महाराज के द्वारा किया जा रहा है। अपनी स्थापना के बाद से ही विद्यापीठ शो और गहन कार्यशालाओं के माध्यम से भारतीय संगीत के इस प्राचीन और दिव्य रूप की खेती और पोषण करता रहा है।

दो घंटे का शास्त्रीय कार्यक्रम जीडी बिड़ला सभागार में आयोजित किया जाएगा, इसका उद्देश्य, जिन्होंने इस कला में महारत हासिल की है, और हर रोज दशकों तक अपने जीवन के के प्रत्येक पल को इस कला को समर्पित किया है, उनके द्वारा लोगों को सबसे मनोरम, उत्तेजक और प्राणपोषक उच्च गति वाले भारतीय शास्त्रीय प्रदर्शनों को दिखाकर,उनके बीच भारतीय शास्त्रीय कला-रूपों के जुनून को फिर से जगाना है।

हर शो की तरह, इसका उद्देश्य उन लोगों को श्रद्धांजलि देना भी है जो पहले आए थे, और गुरु शिष्य परम्परा के माध्यम से पारित करके इस कला को जीवित रखा। कलाकारों का साथ देंगे तबला वादक पं. समर साहा और श्री आशीष मिश्रा । शो का विवरण: 2 जुलाई, 2023, शाम 5:30 - शाम 7:30 बजे, जीडी बिड़ला सभागार, कोलकाता  टिकट के लिए संपर्क करें: +91 8100577144 / +91 6290803122

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