रक्षाबंधन मनाया "वसुधैव कुटुम्बकम् चरित्रार्थ किया " - मनीष

० आशा पटेल ० 
जयपुर। रक्षाबंधन का पवित्र पर्व भारत के सनातन संस्कारों की अभिव्यक्ति है, जो हमें संकीर्णता से विराटता की ओर परस्पर जुड़ने और जोड़ने का अवसर देती है, ऐसा ही एक संदेश स्पिरिचुअल लाइफ कोच मोटिवेशनल स्पीकर योगी मनीष विजयवर्गीय ने पोलैंड से भारत आए विदेशी मेहमानों को रक्षाबंधन पर अपनी संस्कृति से जोड़कर दिया है। योगी मनीष विजयवर्गीय ने बताया कि सांस्कृतिक भ्रमण पर पोलैंड से भारत आए सैंड्रा और पैट्रिक से जयपुर वैशाली नगर स्वामीनारायण मंदिर में मुलाकात हुई उन्हें देखते ही अतिथि देवो भवः का भाव जहन में जागृत हुआ,  

उन्हें रक्षाबंधन का महत्व बताया यह बताया कि हम सभी एक पिता की संतान है पूरी पृथ्वी एक परिवार है और हम सब भाई-बहन है तो उन्होंने राखी बंधवाने और बांधने का भाव व्यक्त किया और रक्षाबंधन का पवित्र पाव अपने पराए अथवा भौगोलिक सीमाओं को पार कर चरितार्थ हुआ। और जब दिलों का संबंध बना तो मेहमान घर पर भी आए और भारतीय व्यंजन प्रसादी का लुत्फ उठाते हुए भारतीय सनातन धर्म और उसकी महानता की चर्चा भी हुई। 
सैंड्रा और पैट्रिक इस मुलाकात के पश्चात अपने संदेश में लिखते है कि आप द्वारा आतिथ्य, दयालुता के लिए आभार, हमने वास्तव में महत्वपूर्ण दिन के दौरान आपके और आपके परिवार के साथ सबसे अद्भुत समय बिताया यह एक सम्मान पूर्ण एहसास रहा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति अतिथि देवो भव को हमने जाना और उसका अनुभव किया जीवन पर्यंत यह हमारी स्मृति में रहेगा हमारे देश जाकर हमें यह बताते हुए गौरव होगा कि हम भारत जाकर आए हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सैफ़ी काउंट द्वारा विकास नगर में मीटिंग में नियुक्त पत्र वितरित

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पहल पर "सक्षम" का आयोजन

राजस्थान समग्र सेवा संघ, में “राजस्थान के गाँधी” गोकुल भाई की 128वीं जयंती पर नशामुक्ति अभियान

इला भट्ट की पुस्तक "महिलाएं] काम और शांति" का लोकार्पण

COWE और टी ट्रेडिशन ने "पौष्टिक" comeptition का आयोजन किया

बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा Earned Salary Advance Drawal Access Scheme का शुभारंभ

जयपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के शपथ ग्रहण में उमड़ा जन सैलाब

NSUI National President जो गहलोत और पायलट न कर सके, वह विनोद जाखड़ ने कर दिखाया

कंपनी सचिव के परिणाम घोषित,क्षितिज,प्रशस्त,काशवी,अंकुश,मोनिशा व पलक ने रेंक हासिल की

यस बैंक ने उत्तर भारत में 34.4% शाखाओ के साथ अपनी उपस्थिति की मजबूत