कल्चरल दायरीज में कर्ण की व्यथा से जुडे देशी विदेशी सैलानी

० आशा पटेल ० 
जयपुर । अल्बर्ट हॉल पर रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना "रश्मिरथी" का मंचन किया गया। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग की पहल "कल्चरल डायरीज" के तीसरे एडिशन के तहत किया गया, जिसमें कर्ण के संघर्ष, साहस और महानता को नाटकीय प्रस्तुती ने सभी को लुभाया। नाटक का निर्देशन युवा नाट्य निर्देशक अभिषेक मुद्गल ने किया, जबकि इसका मंचन रंग मस्ताने नाट्य समूह द्वारा किया गया।
महाभारत के कर्ण के जीवन संघर्ष और उनकी अद्वितीय दानवीरता को प्रदर्शित करता यह नाटक दर्शकों के लिए महाभारतकालीन संस्कृति और दर्शन को समझने का एक सशक्त माध्यम बना। इस नाटक ने न केवल स्थानीय दर्शकों बल्कि विदेशी पर्यटकों का भी ध्यान आकर्षित किया। नाटक में कर्ण के जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया। समाज द्वारा बार-बार अस्वीकार किए जाने के बावजूद, उनकी अडिग निष्ठा और साहस ने उन्हें महान बनाया। 

रामधारी सिंह दिनकर कालजयी रचना के संवादों ने दर्शकों को कर्ण के चरित्र की गहराई और मानवीय संघर्ष को महसूस करने का अवसर दिया।उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल पर शुरू की गई यह सांस्कृतिक श्रृंखला राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए आयोजीत की जा रही है। इस अवसर पर देशी विदेशी पर्यटकों ने इस ऐतिहासिक नाटक का खूब लुल्फ उठाया। कार्यक्रम में पर्यटन विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर फेयर एंड फेस्ट पुनीता सिंह सहित विभाग के सभी अधिकारी मौजूद थे।

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