प्रदेश सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विधानसभा में गतिरोध का सहारा ले रही है : डोटासरा
० संवाददाता द्वारा ०
जयपुर। विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के मंत्री द्वारा सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी का नाम लेकर अमर्यादित टिप्पणी का विरोध करने के कारण सदन में डायस पर चढ़ने के आरोप में बजट सत्र की शेष अवधि के लिए उनके साथ 5 सदस्यों को निलम्बित कर दिया गया जिसके पश्चात् 24 फरवरी आसन की अनुमति से सदन में आकर खेद प्रकट करने तक वे सदन की किसी कार्यवाही का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दें सदन में उठाए जाए व सार्थक चर्चा हो इस उद्देश्य से पक्ष एवं विपक्ष के बीच अध्यक्ष के समक्ष वार्ता की गई जिसमें दोनों ही पक्षों द्वारा खेद प्रकट करने हेतु सहमति बनी थी
विधानसभा में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में समस्त विषयों पर चर्चा होने के पश्चात् अध्यक्ष की अनुमति से उन्होंने बड़ा दिल रखते हुए सदन में समस्त घटनाओं को लेकर समस्त बिंदुओं को वर्णित करते हुए खेद प्रकट किया तथा आसन का हमेशा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने अपना वादा नहीं निभाया और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर मंत्री ने ना तो माफी मांगी, ना ही इन शब्दों को विधानसभा की कार्यवाही से हटाया गया जिस पर कांग्रेस के समस्त विधायकों द्वारा सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से बर्हिगमन किया गया व समस्त विधायक सदन से चले गए और अब उनकी छवि धूमिल करने हेतु अनर्गल आरोप लगाकर बयानबाजी की जा रही है जो कि गलत है एवं सत्ता पक्ष द्वारा अपनी वादाखिलाफी को छिपाने का एक हथकण्डा मात्र है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में गुड गर्वेंनेन्स देने में विफल रही है तथा कानून व्यवस्था, चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी सहित बजट घोषणाओं के पूरा ना होना तथा चुनावी वादों से पीछे हटने के आरोप पर कांग्रेस नेता लगातार भाजपा सरकार को घेर रहे हैं उनके मंत्रियों से जवाब देते नहीं बन रहा इसलिए सदन में गतिरोध समाप्त करने में भाजपा की कोई रूचि नहीं है। प्रदेश सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विधानसभा में गतिरोध का सहारा ले रही है।
जयपुर। विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया देते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के मंत्री द्वारा सदन की कार्यवाही के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी का नाम लेकर अमर्यादित टिप्पणी का विरोध करने के कारण सदन में डायस पर चढ़ने के आरोप में बजट सत्र की शेष अवधि के लिए उनके साथ 5 सदस्यों को निलम्बित कर दिया गया जिसके पश्चात् 24 फरवरी आसन की अनुमति से सदन में आकर खेद प्रकट करने तक वे सदन की किसी कार्यवाही का हिस्सा नहीं रहे। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दें सदन में उठाए जाए व सार्थक चर्चा हो इस उद्देश्य से पक्ष एवं विपक्ष के बीच अध्यक्ष के समक्ष वार्ता की गई जिसमें दोनों ही पक्षों द्वारा खेद प्रकट करने हेतु सहमति बनी थी
विधानसभा में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में समस्त विषयों पर चर्चा होने के पश्चात् अध्यक्ष की अनुमति से उन्होंने बड़ा दिल रखते हुए सदन में समस्त घटनाओं को लेकर समस्त बिंदुओं को वर्णित करते हुए खेद प्रकट किया तथा आसन का हमेशा सम्मान रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने अपना वादा नहीं निभाया और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर अशोभनीय टिप्पणी को लेकर मंत्री ने ना तो माफी मांगी, ना ही इन शब्दों को विधानसभा की कार्यवाही से हटाया गया जिस पर कांग्रेस के समस्त विधायकों द्वारा सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर सदन से बर्हिगमन किया गया व समस्त विधायक सदन से चले गए और अब उनकी छवि धूमिल करने हेतु अनर्गल आरोप लगाकर बयानबाजी की जा रही है जो कि गलत है एवं सत्ता पक्ष द्वारा अपनी वादाखिलाफी को छिपाने का एक हथकण्डा मात्र है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश में गुड गर्वेंनेन्स देने में विफल रही है तथा कानून व्यवस्था, चिकित्सा, शिक्षा, सड़क, बिजली, पानी सहित बजट घोषणाओं के पूरा ना होना तथा चुनावी वादों से पीछे हटने के आरोप पर कांग्रेस नेता लगातार भाजपा सरकार को घेर रहे हैं उनके मंत्रियों से जवाब देते नहीं बन रहा इसलिए सदन में गतिरोध समाप्त करने में भाजपा की कोई रूचि नहीं है। प्रदेश सरकार जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विधानसभा में गतिरोध का सहारा ले रही है।
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