सोनम वांगचुक के समर्थन और शिक्षा सुधार को लेकर धरना,केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
० आशा पटेल ०
जयपुर। जयपुर के जे.एल.एन. मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर गिरधारी सिंह बापना के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा नीट पेपर लीक सहित लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही एवं पारदर्शिता स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।धरने में युवाओं, गांधीवादी विचारधारा से जुड़े नागरिकों, शिक्षाविदों, छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय बापना ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत और भविष्य को संकट में डाल दिया है। ऐसी परिस्थितियों में दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार तथा शिक्षा व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।कार्यक्रम संयोजक कुसुम लता जैन ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जनविश्वास बहाल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह विश्वसनीय बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कानून लागू किए जाएं तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं स्थायी सुधार किए जाएं।यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में शिक्षा सुधार एवं युवाओं के अधिकारों को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से शिक्षा सुधार की इस मुहिम को आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में संजय बापना, राजेंद्र कुम्भज, धर्मेंद्र जैन, रोहित शर्मा, कुसुमलता जैन, संयुक्त अभिभावक संघ अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू, सवाई सिंह, डॉ. जी.एस. बापना, कर्मवीर कटेवा, धर्मवीर कटेवा, दीपक धीर, आशा पटेल,शेर सिंह मेहला सहित अनेक प्राध्यापक, छात्र-छात्राएँ, युवा, गांधीवादी विचारधारा से जुड़े नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरना-प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, मानसिक दबाव एवं निराशा के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा, पारदर्शी एवं निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता तथा विद्यार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उनका लोकतांत्रिक एवं अहिंसक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक एवं प्रभावी सुधार शीघ्र लागू करने, परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने तथा विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने की मांग की।
जयपुर। जयपुर के जे.एल.एन. मार्ग स्थित गांधी सर्किल पर गिरधारी सिंह बापना के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा नीट पेपर लीक सहित लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के विरोध में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही एवं पारदर्शिता स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।धरने में युवाओं, गांधीवादी विचारधारा से जुड़े नागरिकों, शिक्षाविदों, छात्र-छात्राओं एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय बापना ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं ने लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत और भविष्य को संकट में डाल दिया है। ऐसी परिस्थितियों में दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार तथा शिक्षा व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।कार्यक्रम संयोजक कुसुम लता जैन ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जनविश्वास बहाल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह विश्वसनीय बनाया जाए, पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कानून लागू किए जाएं तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं स्थायी सुधार किए जाएं।यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में शिक्षा सुधार एवं युवाओं के अधिकारों को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया। उपस्थित सभी लोगों ने लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से शिक्षा सुधार की इस मुहिम को आगे बढ़ाने तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में संजय बापना, राजेंद्र कुम्भज, धर्मेंद्र जैन, रोहित शर्मा, कुसुमलता जैन, संयुक्त अभिभावक संघ अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू, सवाई सिंह, डॉ. जी.एस. बापना, कर्मवीर कटेवा, धर्मवीर कटेवा, दीपक धीर, आशा पटेल,शेर सिंह मेहला सहित अनेक प्राध्यापक, छात्र-छात्राएँ, युवा, गांधीवादी विचारधारा से जुड़े नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धरना-प्रदर्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, मानसिक दबाव एवं निराशा के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित जनसमूह ने संकल्प लिया कि देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा, पारदर्शी एवं निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता तथा विद्यार्थियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उनका लोकतांत्रिक एवं अहिंसक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक एवं प्रभावी सुधार शीघ्र लागू करने, परीक्षा प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने तथा विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाने की मांग की।
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