सुभाष चंद्र बोस से जुड़े सच तलाशने तेलंगाना से निकले किशोर,कन्याकुमारी से कश्मीर बाइक पर कर रहे यात्रा
० आशा पटेल ०
जयपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस के जीवन से जुड़े रहस्यों और उनकी गुमशुदगी की सच्चाई को सामने लाने की मांग को लेकर तेलंगाना निवासी किशोर कुमार एक यात्रा पर निकले हैं। 5 मई 2026 को कन्याकुमारी से शुरू हुई उनकी यह यात्रा कश्मीर तक जाएगी। सीएनजी बाइक पर सवार 45 वर्षीय किशोर कुमार का उद्देश्य देशभर में लोगों को नेताजी से जुड़े अनसुलझे सवालों के प्रति जागरूक करना है।
दरअसल गत दिनों किशोर कुमार से मेरी मुलाकात जयपुर के नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंक सिटी प्रेस क्लब में अनायास हो गई | किशोर कुमार बड़े ही अनमने मन से प्रेस क्लब में बेठे थे ,आखों में चमक थी और अपनी यात्रा के प्रति पूर्ण आश्वस्त दिखाई दिए | तभी मै क्लब के ऑफिस में पहुची तो क्लब के महासचिव राजकुमार शर्मा ने कहा आशा जी किशोर जी की समस्या का हल करो |
दिलचस्प बात यह है कि किशोर कुमार अपना भरा-पूरा परिवार छोड़कर इस मिशन पर निकले हैं। उनके परिवार में माता-पिता, बड़े भाई और दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 9 और 4 वर्ष है। परिवार की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने नेताजी के प्रति अपनी श्रद्धा और देश के प्रति अपने दायित्व को प्राथमिकता देते हुए यह अभियान शुरू किया है। आज बात हुई तो उन्होंने बताया की वे अभी पंजाब बार्डर पर कर चके है |शीघ्र ही कश्मीर छू लेंगे |
किशोर कुमार की यह यात्रा केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि इतिहास के एक अनसुलझे अध्याय को समझने और उसकी सच्चाई सामने लाने की मांग का प्रतीक बन गई है। उनका संदेश साफ है- देश जिन नायकों के बलिदान से आजाद हुआ ,उनके जीवन से जुड़े रहस्यों पर देश को पूरा सच जानने का हक़ है |
जयपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस के जीवन से जुड़े रहस्यों और उनकी गुमशुदगी की सच्चाई को सामने लाने की मांग को लेकर तेलंगाना निवासी किशोर कुमार एक यात्रा पर निकले हैं। 5 मई 2026 को कन्याकुमारी से शुरू हुई उनकी यह यात्रा कश्मीर तक जाएगी। सीएनजी बाइक पर सवार 45 वर्षीय किशोर कुमार का उद्देश्य देशभर में लोगों को नेताजी से जुड़े अनसुलझे सवालों के प्रति जागरूक करना है।
किशोर कुमार स्वयं को 'फैन ऑफ नेशनल हीरो', 'जस्टिस फॉर नेताजी' और 'टूथ फॉर नेताजी' अभियान का समर्थक बताते हैं। उनका कहना है कि नेताजी की गुमशुदगी को लगभग 80 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन आज भी देश के सामने यह स्पष्ट नहीं है कि उनके साथ आखिर कब, कहां, कैसे और क्या हुआ। उनका मानना है कि नेताजी से जुड़ी सभी फाइलों और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि देश को वास्तविक सच्चाई पता चल सके।
कन्याकुमारी से शुरू हुई यह यात्रा अब तक तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होकर गुजरी है। जल्द ही वे पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश के रास्ते जम्मू-कश्मीर पहुंचेंगे। रास्ते में वे लोगों से संवाद कर नेताजी के योगदान और उनसे जुड़े अनुत्तरित प्रश्नों पर चर्चा कर रहे हैं।
दरअसल गत दिनों किशोर कुमार से मेरी मुलाकात जयपुर के नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंक सिटी प्रेस क्लब में अनायास हो गई | किशोर कुमार बड़े ही अनमने मन से प्रेस क्लब में बेठे थे ,आखों में चमक थी और अपनी यात्रा के प्रति पूर्ण आश्वस्त दिखाई दिए | तभी मै क्लब के ऑफिस में पहुची तो क्लब के महासचिव राजकुमार शर्मा ने कहा आशा जी किशोर जी की समस्या का हल करो |
मैने उनकी यात्रा का उद्देश्य जाना ,उनकी भावना को समझा | बस फिर क्या था ,मेरे दिमाग में गोपाल शर्मा का नाम क्रोंधा और तुरन्त उन्हें वरिष्ठ पत्रकार और विधायक गोपाल शर्मा से मिलने की सलाह दी | उन्हें कुछ राहत मिली | अगले ही दिन किशोर कुमार गोपाल शर्मा के ऑफिस मुलाकात करने पहुँच गए |
किशोर कुमार ने सिविल लाइंस विधायक और वरिष्ठ पत्रकार गोपाल शर्मा से सेवा भवन स्थित उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। विधायक गोपाल शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े तथ्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही इस अनूठी यात्रा की सराहना करते हुए किशोर के जज्बे, समर्पण और राष्ट्रभावना की प्रशंसा की। उन्होंने किशोर कुमार का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी यात्रा की सफलता तथा उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुभकामनाएं भी दीं। दरअसल मेरे दिमाग में गोपाल शर्मा का नाम इस लिए आया क्योकि स्वयं गोपाल शर्मा अनेक बार स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को जयपुर बुला कर भव्य समारोह में सम्मानित कर चुके है |
जबकि किशोर को लगता है की 'लक्ष्य बड़ा हो तो कठिनाइयां भी छोटी लगने लगती हैं' | किशोर का यह सफर आसान नहीं है । भीषण गर्मी, तेज धूप, आंधी-तूफान और लंबी दूरी की थकान जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए वे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। किशोर कुमार बताते हैं कि कई स्थानों पर उन्हें अपेक्षित सम्मान और सहयोग भी नहीं मिला, लेकिन उनके संकल्प को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। उनका कहना है कि जब लक्ष्य बड़ा हो तो कठिनाइयां भी छोटी लगने लगती है।
किशोर कुमार ने सिविल लाइंस विधायक और वरिष्ठ पत्रकार गोपाल शर्मा से सेवा भवन स्थित उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। विधायक गोपाल शर्मा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े तथ्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही इस अनूठी यात्रा की सराहना करते हुए किशोर के जज्बे, समर्पण और राष्ट्रभावना की प्रशंसा की। उन्होंने किशोर कुमार का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी यात्रा की सफलता तथा उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुभकामनाएं भी दीं। दरअसल मेरे दिमाग में गोपाल शर्मा का नाम इस लिए आया क्योकि स्वयं गोपाल शर्मा अनेक बार स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को जयपुर बुला कर भव्य समारोह में सम्मानित कर चुके है |
जबकि किशोर को लगता है की 'लक्ष्य बड़ा हो तो कठिनाइयां भी छोटी लगने लगती हैं' | किशोर का यह सफर आसान नहीं है । भीषण गर्मी, तेज धूप, आंधी-तूफान और लंबी दूरी की थकान जैसी चुनौतियों का सामना करते हुए वे लगातार आगे बढ़ रहे हैं। किशोर कुमार बताते हैं कि कई स्थानों पर उन्हें अपेक्षित सम्मान और सहयोग भी नहीं मिला, लेकिन उनके संकल्प को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। उनका कहना है कि जब लक्ष्य बड़ा हो तो कठिनाइयां भी छोटी लगने लगती है।
दिलचस्प बात यह है कि किशोर कुमार अपना भरा-पूरा परिवार छोड़कर इस मिशन पर निकले हैं। उनके परिवार में माता-पिता, बड़े भाई और दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 9 और 4 वर्ष है। परिवार की जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने नेताजी के प्रति अपनी श्रद्धा और देश के प्रति अपने दायित्व को प्राथमिकता देते हुए यह अभियान शुरू किया है। आज बात हुई तो उन्होंने बताया की वे अभी पंजाब बार्डर पर कर चके है |शीघ्र ही कश्मीर छू लेंगे |
किशोर कुमार की यह यात्रा केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि इतिहास के एक अनसुलझे अध्याय को समझने और उसकी सच्चाई सामने लाने की मांग का प्रतीक बन गई है। उनका संदेश साफ है- देश जिन नायकों के बलिदान से आजाद हुआ ,उनके जीवन से जुड़े रहस्यों पर देश को पूरा सच जानने का हक़ है |
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