रक्तकोष फाउंडेशन व कलाचर्चा ट्रस्ट के प्रयास से ललित कला अकादमी में कला शिविर
० आशा पटेल ०
जयपुर | रक्तकोष फाउंडेशन व कलाचर्चा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान ललित कला अकादमी के सहयोग से बहन संतोष की स्मृति में एक कला शिविर एवं प्रदर्शनी "संतोष" का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय महासचिव, रक्तकोष फाउंडेशन ताराचंद शर्मा ने बताया कि इस शिविर में एक दर्जन से अधिक कलाकारों ने शिरकत की और अपनी अपनी कल्पनाओं को रचनात्मक व कलात्मक प्रस्तुती कर अपनी प्रतिभा को पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया ।
जयपुर | रक्तकोष फाउंडेशन व कलाचर्चा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थान ललित कला अकादमी के सहयोग से बहन संतोष की स्मृति में एक कला शिविर एवं प्रदर्शनी "संतोष" का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय महासचिव, रक्तकोष फाउंडेशन ताराचंद शर्मा ने बताया कि इस शिविर में एक दर्जन से अधिक कलाकारों ने शिरकत की और अपनी अपनी कल्पनाओं को रचनात्मक व कलात्मक प्रस्तुती कर अपनी प्रतिभा को पेंटिंग के माध्यम से दर्शाया ।
कला प्रदर्शिनी में वरिष्ठ कलाकार वीर नारायण आर्य, नीलम नियाज़ी, ताराचंद शर्मा, भावना सक्सेना, सुषमा सिंह, रेखा अग्रवाल, प्रभुसिंह मोरवाल, दीपशिखा मेहता, नरेन्द्र डग्गा, नरेंद्र पारीक, आयुष तिवारी, पायल, हिमाक्षी और सात्विक नामा ने अपनी रचनात्मक कलात्मक प्रतिभा को रंगों से उकेरा । सभी कलाकारों ने रक्तदान महादान जीवनदान, मेरा पहला रक्तदान एवं "मानवता की एक बूँद" विषय पर कलाकृतियों का सृजन किया ।
कलाचर्चा ट्रस्ट की महासचिव एवं वरिष्ठ कलाकार भावना सक्सेना ने बताया कि कार्यशाला में तैयार इन कलाकृतियों की राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर की आधुनिक कला दीर्घा में एक लघु कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया । उन्होंने बताया कि 8 से 14 जून तक रक्तदान जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न ब्लड बैंक और सार्वजनिक स्थानों पर कला प्रदर्शनी आयोजित कर विश्व रक्तदान दिवस मनाया जाएगा।
रक्तकोष फाउंडेशन के राष्ट्रिय महासचिव ताराचंद शर्मा ने बताया कि रक्तकोष फाउंडेशन की पहल पर यह अभियान इस बात पर ज़ोर देता है कि स्वेच्छा से रक्तदान का यह कार्य करुणा, एकजुटता और साझा ज़िम्मेदारी की एक सशक्तमें कला की सुन्दर अभिव्यक्ति है। यह भावना सरल, निस्वार्थ कार्यों के व्यापक प्रभाव को उजागर करती है।
चाहे वह रक्तदान हो, जरूरतमंदों की सहायता करना हो, या रोजमर्रा के छोटे-छोटे दयालुता के कार्य हों, रूमी के ये शब्द याद दिलाते हैं कि "तुम सागर में एक बूंद नहीं हो। तुम एक बूंद में पूरा सागर हो।" हमें जानना चाहिये कि रक्त की एक इकाई तीन लोगों की जान बचा सकती है, जो सीधे तौर पर यह दर्शाती है कि कैसे हमारा एक छोटा सा प्रयास इन्सान और उसके परिवार के लिए बड़ी उम्मीद जगा सकता है |
शिविर में भागीदारी करने वाले सभी प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि एवं वरिष्ठ कलाकार नीलम नियाज़ी और रक्तकोष फाउंडेशन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्षा नितिशा शर्मा द्वारा प्रमाण पत्र से नवाजा गया । रक्तकोष फाउंडेशन के राष्ट्रीय महासचिव ताराचंद शर्मा ने इस आयोजन में योगदान देने हेतु सभी सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित किया ।
उन्होंने बताया कि प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहने वाले कलाकारों को 14 जून को जयपुर में आयोजित हो रहे रक्तकोष फाउंडेशन के द्विवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन व सम्मान समारोह के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत व सम्मानित किया जाएगा ।
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