पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली एक पहल पद्म डोरी’ लॉन्च
पूर्वोत्तर हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम NEHHDC जो पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय MDONER के केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, ने ‘पद्म डोरी’ का अनावरण किया। जो पूर्वोत्तर भारत की एरी (अहिंसा) रेशम परंपराओं को मध्य प्रदेश की चंदेरी बुनाई की समृद्ध धरोहर के साथ जोड़ती है।इस पहल का शुभारंभ पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू द्वारा किया गया, जिसके बाद एक आकर्षक फैशन शो आयोजित किया गया, जिसमें प्रसिद्ध एरी रेशम को चंदेरी वस्त्रों के उत्कृष्ट बुनाई के साथ मिश्रित रूप में प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर संजय जाजू ने कहा कि ‘पद्म डोरी’ प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के दृष्टिकोण का ही परिणाम है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के दूरदर्शी नेतृत्व में यह नई पहल आज साकार हुई है।उन्होंने कहा कि ‘पद्म डोरी’ विशिष्ट है, क्योंकि यह दो भिन्न वस्त्र परंपराओं मध्य प्रदेश की चंदेरी और पूर्वोत्तर भारत के एरी रेशम से उत्पन्न हुई है। जाजू ने कहा कि ‘पद्म डोरी’ केवल एक विरासत को नहीं, बल्कि नवाचार को भी साथ लेकर आती है। लॉन्च कार्यक्रम भारतीय वस्त्र परंपरा, स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों और स्थायी विलासिता के व्यापक परिप्रेक्ष्य में स्थापित यह पहल समकालीन बाजारों में पारंपरिक शिल्पों की प्रासंगिकता को रेखांकित करती है।पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश के कारीगर इस प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं, जहाँ वे लाइव प्रदर्शन प्रस्तुत कर रहे हैं तथा अपनी शिल्प परंपराओं की बारीकियां साझा कर रहे हैं। कार्यक्रम में क्षेत्रीय व्यंजनों के अनुभव को भी शामिल किया गया है। एनईएचएचडीसी की प्रबंध निदेशक मारा कोचो ने कहा, “पद्म डोरी पूर्वोत्तर की रेशा परंपराओं और चंदेरी की हथकरघा विरासत को एक साथ लाकर एक एकीकृत और स्थायी वस्त्र पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करती है।फिल्म निर्देशक मुज़फ़्फ़र अली, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, मध्य प्रदेश हैंडलूम के अधिकारियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों, डिजाइनरों और इस पहल से जुड़े कारीगरों ने अनावरण समारोह की शोभा बढ़ाई।
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