रथ यात्रा महोत्सव 2026 : श्रीजगन्नाथ की 59वीं रथ यात्रा 16 जुलाई को आयोजित होगी

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली : महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की 59वीं रथ यात्रा 16 जुलाई को आयोजित होगी, श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर, नई दिल्ली में मनाया जाएगा। यह जानकारी मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस सम्मेलन के दौरान दी गई। मंदिर की एक दशक से अधिक पुरानी परंपरा के अनुसार, 17 जुलाई से 27 जुलाई 2026 तक रथ यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा 

इस वर्ष के रथ यात्रा उत्सव का प्रमुख आकर्षण तीन पृथक रथों—नंदीघोष, तलध्वज एवं देवदलन—का शुभारंभ है, जो महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, महाप्रभु श्रीबलभद्र तथा देवी सुभद्रा के लिए समर्पित होंगे। यह व्यवस्था पुरी की परंपरा के अनुरूप होगी तथा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहली बार इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त होगा।

महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता के संदेश को प्रोत्साहित करने हेतु देवी सुभद्रा के देवदलन रथ को केवल महिला श्रद्धालुओं द्वारा खींचा जाएगा। यह अनूठी पहल इस वर्ष के उत्सव का विशेष आकर्षण होगी। रथ यात्रा के दिन, 16 जुलाई को पारंपरिक ‘पाहंडी बीजे’ अनुष्ठान के माध्यम से भगवानों को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा तथा दोपहर 1:00 बजे तक उन्हें श्री जगन्नाथ मार्ग (बड़दांडा) पर स्थापित उनके-अपने रथों पर विराजमान किया जाएगा।

इसके पश्चात मंदिर के नामित गजपति, पूर्व निदेशक (ओआईएल) सुधाकर मोहापात्र द्वारा पारंपरिक ‘छेरा पहंरा’ अनुष्ठान सम्पन्न किया जाएगा। तत्पश्चात रथ यात्रा का शुभारंभ त्यागराज स्टेडियम के मुख्य द्वार से होगा। रथ यात्रा श्री जगन्नाथ मार्ग, विकास सदन चौराहा, आईएनए मार्केट सर्विस लेन, श्री अरविंदो मार्ग के समानांतर मार्ग, आईएनए मेट्रो स्टेशन (पिंक लाइन), राज्यसभा कर्मचारी आवासीय परिसर होते हुए श्री गुंडिचा मंदिर पहुँचेगी, जहाँ भगवान नौ दिनों तक अपने वार्षिक प्रवास पर विराजमान रहेंगे। इस अवसर पर 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने एवं दर्शन करने की संभावना है।

मंदिर प्रबंधन द्वारा सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, पेयजल व्यवस्था, गर्म एवं उमस भरे मौसम को देखते हुए जल छिड़काव तथा श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क अन्न प्रसाद वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई है। संस्कृति विभाग, ओडिशा सरकार द्वारा प्रायोजित सांस्कृतिक दल रथ यात्रा के दौरान विभिन्न मार्शल आर्ट एवं पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

इस आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, स्थानीय विधायक नीरज बसोया सहित अनेक पूर्व सांसदों एवं पूर्व विधायकों को आमंत्रित किया गया है।

इस वर्ष श्री गुंडिचा मंदिर का अस्थायी निर्माण पुरी स्थित मूल श्री गुंडिचा मंदिर की स्थापत्य शैली के अनुरूप किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को पुरी धाम जैसी आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हो सके। पूरे महोत्सव परिसर में मेले जैसा वातावरण बनाया जाएगा तथा प्रतिदिन लगभग 5,000 श्रद्धालुओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने की संभावना है।

रथ यात्रा महोत्सव के दौरान बच्चों एवं महिलाओं के लिए नृत्य, संगीत, चित्रकला तथा विभिन्न भक्ति-आधारित प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया जाएगा। प्रतिदिन सायंकाल देश के विभिन्न भागों से आए प्रसिद्ध कलाकार एवं सांस्कृतिक दल ओडिसी, कथक, संबलपुरी तथा अन्य लोक एवं पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे।

रथ यात्रा 2026 की पूर्वपीठिका के रूप में 29 जून को पुरी श्रीमंदिर की परंपरा के अनुसार स्नान पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवानों को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इसके उपरांत भगवान अनसर (अनवसर) अवधि में प्रवेश करेंगे, जब वे स्नान यात्रा के पश्चात विश्राम एवं स्वास्थ्य लाभ हेतु भक्तों के प्रत्यक्ष दर्शन से विराम लेते हैं।

 मंदिर के उपाध्यक्ष देवानंद साहू तथा मानद महासचिव के. डी. बिस्वाल ने सभी श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों एवं शुभचिंतकों से रथ यात्रा महोत्सव को सफल बनाने हेतु सहयोग देने की अपील की।

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