कला मंथन का राष्ट्रीय स्तरीय दृश्य कला प्रदर्शनी एवं कला शिविर

० आशा पटेल ० 
देहरादून। कलाचर्चा ट्रस्ट परिवार एवं चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "कला मंथन (चतुर्थ संस्करण)" राष्ट्रीय स्तरीय दृश्य कला प्रदर्शनी एवं कला शिविर का चित्रा इंटरनेशनल आर्ट गैलरी, देहरादून में हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुमंत बौखण्डी (अंतरराष्ट्रीय फार्मा सलाहकार, ऑडिटर एवं उद्योग विशेषज्ञ) ने प्रदर्शनी एवं कला शिविर का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि अवंतिका भंडारी (प्रदेश मंत्री, सहकार भारती) तथा सम्मानित अतिथि वरिष्ठ कलाकार एवं मूर्तिकार जसपाल दुग्गल की उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई।
इस राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन में जयपुर से प्रशासक, साहित्यकार, फोटोग्राफर डॉ जितेंद्र कुमार सोनी IAS व ताराचंद शर्मा की कलात्मक फोटोग्राफी वहीं दूसरी ओर भावना सक्सेना, वीर नारायण आर्य, प्रभु सिंह मोरवाल, ओमप्रकाश कुमावत, सुरेन्द्र सिंह अपनी आकर्षक कलाकृतियों के साथ भागीदारी कर रहे है । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के विशेष अवसर पर देहरादून में कलाचर्चा द्वारा विशेष चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसने स्थानीय कला विद्यार्थियों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया ।
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में जयपुर की कलाकार भावना सक्सेना के नेतृत्व में कानपुर से कलाकार नीतू साहू एवं नेहा मिश्रा ने सभी कलाकृतियों का सूक्ष्म मूल्यांकन किया और प्रथम हेतु विभूषा ख़ानल, द्वितीय स्थान पर अर्शी परवीन और तृतीय स्थान पर शालिनी नेगी की कलाकृतियों का चयन किया गया । तीनों विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह और उपहार भेंट कर कलाचर्चा ट्रस्ट की ओर वरिष्ठ कलाकार वीर नारायण आर्य, प्रभु सिंह मोरवाल और ओमप्रकाश कुमावत द्वारा पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर वडोदरा से वरिष्ठ कलाकार अजीत वर्मा, उज्जैन से डॉ. चंद्रशेखर काले, गोरखपुर से प्रो. भारत भूषण, वाराणसी से प्रो. सरोज रानी, कर्नल भारत भंडारी, सिलचर (असम) से डॉ. अनिबरन धार, कानपुर से नेहा मिश्रा, नीतू साहू एवं आशीष त्रिपाठी, जयपुर से वीर नारायण आर्य, प्रभु सिंह मोरवाल, ओम प्रकाश कुमावत एवं सुषमा सिंह, विदिशा (मध्य प्रदेश) से सुरेन्द्र भारद्वाज, तथा देहरादून से तरन्नुम उस्मानी, डॉ. बिंदु छाबड़ा, माधवी ठाकुर सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक कलाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

देशभर से आए कलाकारों की उत्कृष्ट कृतियों से सुसज्जित इस राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी में चित्रकला, ग्राफिक्स, डिजिटल आर्ट, मूर्तिकला एवं फोटोग्राफी जैसी विविध कला विधाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में कला प्रेमियों, कलाकारों एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

"कला मंथन (चतुर्थ संस्करण)" का यह आयोजन 20 से 24 जून तक किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर की कला प्रदर्शनी एवं कला शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन देश के विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों को एक साझा मंच प्रदान करते हुए कला संवाद, सृजन एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित कर रहा है।

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