संदेश

अगस्त 21, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भजनलाल ने गूगल पिक्सल 11 सीरीज़ को लॉन्च किया

चित्र
० संवाददाता द्वारा ०  कोलकाता : भजनलाल ने अपने शोरूम नेटवर्क में गूगल पिक्सल 11 सीरीज़ और पिक्सल वॉच 5 की लॉन्चिंग के उत्साहजनक प्रतिक्रिया के साथ सफलतापूर्वक दर्ज किया। यह लॉन्च भजनलाल के प्रीमियम खुदरा उत्पाद-संग्रह में एक और विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी ब्रांड को जोड़ता है और कंपनी के व्यापक दृष्टिकोण को दोहराता है। पिछले वर्षों में भजनलाल का विकास पारंपरिक लेन-देन आधारित खुदरा कारोबार से एक सुनियोजित बदलाव के रूप में सामने आया है। इसके शोरूम तेजी से प्रौद्योगिकी की खोज और अनुभव के लिए सुव्यवस्थित एवं चयनित केंद्रों में बदल रहे हैं, जहाँ ग्राहक उत्पादों को करीब से देख सकते हैं, उनकी विशेषताओं और उपयोगिता को समझ सकते हैं तथा विशेषज्ञ सहायता के साथ सोच-समझकर निर्णय ले सकते हैं। इस बदलाव की नींव विश्वसनीयता, ग्राहक संबंधों और निरंतर सेवा पर अडिग जोर के साथ रखी गई है। कंपनी की डिजिटल रूप से खुदरा उपस्थिति, व्यापक विक्रय-पश्चात सेवा व्यवस्था, सुरक्षा एवं संरक्षण योजनाएं, सुनिश्चित पुनर्खरीद और उन्नयन पहल तथा व्यापक वित्तपोषण नेटवर्क ने भजनलाल को केवल एक बिक्री नेटवर्क से कहीं अधिक विकसि...

विरासतों से समृद्ध राजस्थान में यूएई कंपनियों के लिए अपार संभावनाएं : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

चित्र
० आशा पटेल ०  जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक-अल-मरी के साथ यूएई-राजस्थान टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल बैठक में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने यूएई को राजस्थान में ऊर्जा, हॉस्पिटिलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किले, महल, हवेलियों, रेगिस्तान, अभ्यारण्य, जेम्स एंड ज्वेलरी, हैंडिक्राफ्ट, टैक्सटाइल्स, खनिज से समृद्ध राजस्थान में यूएई की कंपनियों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं। राजस्थान में निवेश के लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनुकूल औद्योगिक वातावरण के लिए राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस सहित कई नीतियां लागू की हैं। आज ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाड़ी संकट के दौरान यूएई ने भारतीय समुदाय की सुरक्षा और आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई नेतृत्व के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच पिछले दो वर्षों में द...

EPCH हस्तशिल्प निर्यात में तेजी लाने के लिए “एग्रेसिव एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन 2026-27” पर चर्चा

चित्र
0 आशा पटेल ०  नयी दिल्ली : हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद की प्रशासन समिति की बैठक दिल्ली में डॉ. नीरज खन्ना, अध्यक्ष, ईपीसीएच की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में ईपीसीएच की प्रशासन समिति के सदस्य, ईपीसीएच के महानिदेशक की भूमिका में मुख्य संरक्षक डॉ. राकेश कुमार; अवधेश अग्रवाल, सदस्य, सीओए तथा राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच उपस्थित रहे । वर्ष 2025-26 के दौरान हस्तशिल्प निर्यात 33,425.26 करोड़ रुपये (3,783.16 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में रुपये के संदर्भ में 0.91% की वृद्धि तथा अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में 3.40% की गिरावट दर्शाता है । वहीं, अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान अनुमानित हस्तशिल्प निर्यात 12,307.97 करोड़ रुपये (1,295.79 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा, जो वर्ष 2025-26 की समान अवधि की तुलना में रुपये के संदर्भ में 12.79% तथा डॉलर के संदर्भ में 1.76% की वृद्धि दर्शाता है। समिति ने विचार व्यक्त किया कि निर्यात की वर्तमान वृद्धि दर इस क्षेत्र के लिए सरकार द्वारा निर्धारित महत्वाकांक्षी निर्यात लक्ष्यों के अनुरूप नहीं है। इसलिए हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा ...

नई जेनरेशन को मालूम ही नहीं,आज़ादी कैसे मिली

चित्र
० मनोहर चावला ०  हमने आज़ादी की ८० वी सालगिरह बड़े धूमधाम से मना ली । पूरा देश आज़ादी के जश्न में मशगूल रहा लेकिन यह आज़ादी कैसे मिली- कितनी जाने गई, कितनी क़ुर्बानियाँ दी गई। कितने घर - बेघर हुए। इन्सान कितना बदल गया था ये सब आज की पीढ़ी को नहीं मालूम हुआ । उसे तो आज़ादी का जश्न मनाना था । लालक़िले पर सुन्दर सुन्दर झांकियाँ देखनी थी नेताओ को भाषण देना था। और अनेक लोगो को सम्मानित होना था। लेकिन आज़ादी कैसे मिली ?  उसके आँखों देखे कुछ दृश्य हम अपने पाठको और नई पीढ़ी को दिखाना चाहते है। क्योंकि विभाजन का नज़ारा ख़ाकसार की इन आँखों ने भी नज़दीक से देखा है । ब्रिटिश साम्राज्य के मुकुट रत्न भारत को 1947 में स्वतंत्रता मिली। यह घटना विभाजन की चुनौती से भरी हुई थी। देश दो हिस्सों में बंट गया - हिंदू बहुल भारत और मुस्लिम बहुल पाकिस्तान। इसका नतीजा खून-खराबा और लंबे समय तक चलने वाला सदमा था।भारत और पाकिस्तान की आज़ादी की घोषणा क्रमशः 15 अगस्त और 14 अगस्त को की गई थी। लेकिन 17 अगस्त तक दोनों देशों की सीमाओं की घोषणा नहीं की गई थी। यहीं से अराजकता की शुरुआत हुई। हिंसा भड़क उठी क्योंकि आ...