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अगस्त 18, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जलवायु परिवर्तन का संकट दिनों दिन जानलेवा होता जा रहा है

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0 ज्ञानेन्द्र रावत 0  जलवायु परिवर्तन का संकट अब दिनोंदिन जानलेवा होता जा रहा है। दरअसल दुनिया में ऊर्जा की जरूरत पूरा करने के लिए कोयला, तेल और गैस का जो बेतहाशा इस्तेमाल हो रहा है, उससे होने वाले उत्सर्जन से जलवायु लक्ष्यों की पूर्ति असंभव है। तापमान बढ़ोतरी डेढ़ डिग्री सीमित रखने के लिए 2030 तक अपने उत्सर्जन को आधा करने के लक्ष्य की दिशा में कोई कारगर पहल न होने के परिणाम दिनों दिन और भयावह होते जा रहे हैं। फिर जलवायु परिवर्तन की विभीषिका की रोकथाम के लिए बनी वैश्विक सहमति भी बीते सालों में कमजोर पड़ी है।  इसके साथ-साथ वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के स्तर में हो रही बढ़ोतरी ने चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि धरती की गर्म सांसों के चलते ऋतुओं की लय बिगड़ती चली जा रही है। हालात इतने खराब हो गये हैं कि जलवायु परिवर्तन से न केवल मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, उसकी सेहत पर आयेदिन खतरा बढ़ता जा रहा है, बच्चों का भविष्य छिनता जा रहा है, वह लोगों में अकेलापन बढ़ा रहा है, महिलाओं पर गंभीर असर डाल रहा है, दुनिया की बहुमूल्य ध...

नदियों को सुरंग में डाईवर्ट करने वाली परियोजनायें हिमालय की सेहत बिगाड़ रही है

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० सुरेश भाई ०  बाढ़, भूस्खलन,भूकंप के लिए अति संवेदनशील हिमालय को भूवैज्ञानिकों ने जोन 4 और 5 में रखा है। इसके बावजूद भी क्लीन एनर्जी के नाम पर सुरंग आधारित परियोजनाओं को महत्व दिया जा रहा है। जबकि वैश्विक स्तर पर क्लीन एनर्जी के दावे अस्थाई साबित हो रहे हैं। इस नाम पर जो निर्माण हो रहा है वह प्रकृति में अचंभित करने वाला विनाशकारी बदलाव ला रहा है। दूसरी ओर नदियों और जल स्रोतों के पुनर्जीवन और संतुलन के दावे भी कमजोर हैं। पहाड़ों की नसों को काटकर बिजली के सपनों को साकार करने के लिए नदियों को सुरंग में डाईवर्ट करने वाली परियोजनायें हिमालय की सेहत बिगाड़ रही है। हिमालय में करोड़ों लोगों का निवास स्थान भी है लेकिन यहां से नीचे बहकर जा रही नदियों का रौद्र रूप जानलेवा बनता जा रहा है। इसलिए हिमालय को कितना भी रोज जपते रहेंगे उससे नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती है।क्योंकि विकास और पर्यावरण के बीच में जब संतुलन नहीं बना पा रहे हैं तो देखिए कि हिमालय क्षेत्र में लंबी-लंबी सुरंगों के निर्माण के बाद अनेकों जिंदगियां पिछले दो दशक में दफन हो गई इसके साथ ही हिमालय की अमूल्य प्राकृतिक संपदा का ज...

सिंधी संस्था "भारतीय सिंधु शक्ति "दिल्ली में हुई सम्मानित

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० संवाददाता द्वारा ०  नयी दिल्ली : सिंधी रंगमंच के प्रति समर्पित सिंधी संस्था भारतीय सिंधु शक्ति को हिन्दुस्तानी भाषा अकादमी द्वारा दिल्ली के अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र मे दिल्ली की बाल व महिला विकास मंत्रालय की सचिव रश्मि सिंह के कर कमलो द्वारा सम्मानित किया गया।  संस्था की ओर से डॉ. दीपक गुरनानी ने यह सम्मान ग्रहण किया। संस्था को यह सम्मान उनके सिंधी भाषा के संवर्धन के लिए दिया गया जिसमें प्रमुख रूप से सिंधी नाटको का मंचन है। दिल्ली में भारतीय सिंधु शक्ति ही एकमात्र संस्था है जो नियमित रूप से सिंधी नाटको का मंचन कर रही है।

छह शहरों में निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलिपर शिविर, 3,300 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर । नारायण सेवा संस्थान ने बेंगलुरु, दिल्ली, पुणे, कोयंबटूर, मुंबई और हैदराबाद में निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं कैलिपर फिटमेंट शिविर आयोजित किए। इन शिविरों के माध्यम से करीब 3,300 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग, कैलिपर और पुनर्वास संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविरों के दौरान 1,570 से अधिक कृत्रिम अंग एवं कैलिपर लगाए और वितरित किए गए। इसके अलावा लगभग 700 लाभार्थियों का माप लेकर उनके लिए नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराए जा सकें। सहायक उपकरणों के वितरण में हैदराबाद सबसे आगे रहा, जहां 745 लाभार्थियों को 815 नारायण मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर लगाए गए। इसके बाद बेंगलुरु में 558 लाभार्थियों को 602 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। वहीं दिल्ली में 140 लाभार्थियों को 162 कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग एवं कैलिपर लगाए गए, जबकि मुंबई में 104 लाभार्थियों को 154 कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए। संस्थान के अनुसार, अब तक देशभर में 40,403 से अधिक दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग, 4.01 लाख से अधिक कैलिपर...

प्रवासी साहित्य के स्वरूप एवं प्रवृत्तियों पर साहित्यिक परिसंवाद आयोजित

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० आशा पटेल ०  जयपुर। स्पंदन महिला साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्थान, जयपुर एवं कानोडिया पी जी महिला कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में ‘प्रवासी साहित्यः स्वरूप और प्रवृत्तियाँ’ विषय पर साहित्यिक परिसंवाद का आयोजन परिसर में किया गया। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा अग्रवाल ने कहा कि प्रवासी साहित्य भारतीय समाज, संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक संदर्भ में देखने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम में प्रवासी साहित्यकार शालिनी वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रवासी साहित्य की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रवासी साहित्य भारतीय संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने विदेशों में हिन्दी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा प्रवासी रचनाकारों के योगदान पर भी चर्चा की। हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. शीताभ शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुये साहित्यकार शालिनी से उनकी साहित्यिक यात्रा, हिंदी भाषा और साहित्य तथा प्रवास में साहित्य सृजन से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। इसी क्रम में हिन्दी विभाग की छात्राओं ने भी वक्ता से प्रश्न ...

प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने,निवेश और पर्यटन पर चर्चा

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० आशा पटेल ०  जयपुर, उद्योग भवन, जयपुर में राजस्थान में निवेश, पर्यटन तथा देश-विदेश में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को राजस्थान के विकास से जोड़ने के विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर डॉ. अरुण अग्रवाल, राजस्थान फाउंडेशन के प्रवासी समन्वयक (पश्चिम बंगाल, बिहार एवं अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय मारवाड़ी सम्मेलन राजस्थान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजस्थान चैंबर ऑफ़ कॉमर्स राजस्थान, कार्यकारी अध्यक्ष FORTI), तथा NRI सतीश पांचाल ( निवासी प्रताप नगर, डूंगरपुर ), राजस्थान फाउंडेशन, कुवैत चैप्टर के सचिव एवं MoU निवेशक, राजस्थान दर्पण एसोसियन कुवैत ने शिखर अग्रवाल, IAS, अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS), उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रवासी राजस्थानी कार्य विभाग, राजस्थान सरकार ,डॉ. मनीषा अरोड़ा आयुक्त (IAS), प्रसपुतिता नंदा DGM,   सीनियर मैनेजर अमित सिंगल सहित राजस्थान फाउंडेशन के अन्य अधिकारियों तथा Bureau of Investment Promotion (BIP) से जुगल किशोर मीणा (IAS) एडिशनल आयुक्त, महाप्रबंधक BIP  रेनू राज, अजय शर्मा (YI) एवं अन्य अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान M...

नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को लेकर राजस्थान कांग्रेस बैठक

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० संवाददाता द्वारा ०   जयपुर। आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनावों की तैयारियों को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा तथा एआईसीसी प्रभारी राजस्थान सुखजिन्दर सिंह रंधावा ने 23 जिलों के जिलाध्यक्ष, विधायक/विधायक प्रत्याशी, संासद/सांसद प्रत्याशी, जिला प्रभारी/ सहप्रभारी, जिला प्रमुख, महापौर, अग्रिम संगठनो एवं विभागों/प्रकोष्ठों के प्रदेशाध्यक्ष जो उस जिले में निवासरत हैं की 6 चरणों में बैठक ली जिसमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सहप्रभारी चिरंजी राव भी शामिल रहे। बैठक में जिलों में स्थित नगर निकायों तथा पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों की रणनीति हेतु फीडबैक लिया गया तथा महत्वपूर्ण निर्देश प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा, एआईसीसी राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, सहप्रभारी चिरंजी राव ने दिये। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि आज 18 अगस्त को वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की बैठक पीसीसी वार रूम, हॉस्पिटल रोड पर नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनाव-2026 की तैयारियो...