जैसलमेर में कलेक्टर के खिलाफ सड़क पर उतरे प्रदेश भर के पत्रकार

० आशा पटेल ० 
जैसलमेर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर कथित प्रशासनिक हमले के विरोध में जैसलमेर में प्रदेशभर के पत्रकारों का आक्रोश देखने को मिला। जैसलमेर कलेक्टर के खिलाफ सैकड़ों पत्रकार सड़कों पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए उनके तत्काल निलंबन की मांग की।
 पत्रकार संगठन IFWJ के आह्वान पर आयोजित इस प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन में राजस्थान के विभिन्न जिलों से पत्रकार जैसलमेर पहुंचे। हनुमान सर्किल स्थित गांधी दर्शन से शुरू हुई विशाल रैली पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर के खिलाफ कड़ा रोष जताया।
 IFWJ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठौड़ ने आरोप लगाया कि कलेक्टर द्वारा उनके “स्वाद रेस्टोरेंट” पर की गई कार्रवाई पूरी तरह द्वेषपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की आवाज दबाने के लिए उनके रोजगार को निशाना बनाया जा रहा है और झूठे मुकदमों के जरिए डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

प्रदेश महासचिव मनवीर सिंह चुंडावत ने चेतावनी दी कि पत्रकार डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा, लेकिन साथ ही सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो जयपुर में मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा।

प्रदेश सचिव एवं जोधपुर संभाग प्रभारी विक्रमसिंह करणोत ने सवाल उठाते हुए कहा कि “स्वाद रेस्टोरेंट” वर्ष 2004 से संचालित हो रहा था और पिछले 22 वर्षों में किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को इसमें कोई खामी नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि यदि लीज शर्तों का उल्लंघन था, तो नोटिस या जुर्माना लगाया जा सकता था, लेकिन सीधे सीज करने और फिर भवन तोड़ने की कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है।

 प्रदर्शन में विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों ने एक स्वर में कलेक्टर की बर्खास्तगी की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी पत्रकारिता की स्वतंत्रता का है। सैकड़ों पत्रकारों ने तख्तियां लेकर रैली निकाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

क्या प्रशासनिक कार्रवाई की आड़ में पत्रकारों को टारगेट किया जा रहा है? 22 वर्षों तक वैध मानी गई लीज पर अचानक सख्ती क्यों? क्या यह मामला लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है? जैसलमेर का यह विरोध प्रदर्शन अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है, यदि राज्य सरकार ने जैसलमेर कलेक्टर को तुरंत प्रभाव से निलंबित नहीं किया तो ये आंदोलन प्रदेश भर में होना तय हैं।

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