बाढ़ में घायल हथिनी ‘जॉयमोती’ को एयरलिफ्ट कर वनतारा लाया गया
० संवाददाता द्वारा ०
जामनगर : बाढ़ में बहकर गंभीर रूप से घायल हुई 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती को विशेष इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर जामनगर स्थित वनतारा पहुंचाया गया है। नागालैंड में बाढ़ के तेज पानी में बहने के बाद स्थानीय लोगों और सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे बचाया गया था। जॉयमोती के शरीर पर कई गंभीर घाव हैं, उसकी दाहिनी आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और पुरानी चोट के कारण पिछले पैर में भी लंगड़ापन है।
स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी उम्र, गंभीर चोटों और चलने-फिरने में परेशानी को देखते हुए विशेष अस्पताल में इलाज की जरूरत थी। वनतारा में अब उसकी विस्तृत चिकित्सा जांच के साथ आंख और अन्य चोटों का विशेष उपचार किया जा रहा है। पोषण और दूसरी जरूरी देखभाल भी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल हाथी को अस्पताल में इलाज के लिए विमान से पहुंचाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया गया है। जॉयमोती को सड़क के लंबे और थकाऊ सफर से बचाने के लिए एयरलिफ्ट किया गया। यात्रा के दौरान उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।
वनतारा ने स्पष्ट किया है कि जॉयमोती को जामनगर लाना स्थायी स्थानांतरण नहीं है। उसे केवल विशेष और जरूरी इलाज के लिए यहां लाया गया है। वनतारा ने असम में हाथियों के लिए एक केंद्र समेत तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि भविष्य में घायल वन्यजीवों को उनके क्षेत्र के करीब ही बेहतर इलाज मिल सके।
जामनगर : बाढ़ में बहकर गंभीर रूप से घायल हुई 53 वर्षीय हथिनी जॉयमोती को विशेष इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर जामनगर स्थित वनतारा पहुंचाया गया है। नागालैंड में बाढ़ के तेज पानी में बहने के बाद स्थानीय लोगों और सरकारी एजेंसियों की मदद से उसे बचाया गया था। जॉयमोती के शरीर पर कई गंभीर घाव हैं, उसकी दाहिनी आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त है और पुरानी चोट के कारण पिछले पैर में भी लंगड़ापन है।
स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी उम्र, गंभीर चोटों और चलने-फिरने में परेशानी को देखते हुए विशेष अस्पताल में इलाज की जरूरत थी। वनतारा में अब उसकी विस्तृत चिकित्सा जांच के साथ आंख और अन्य चोटों का विशेष उपचार किया जा रहा है। पोषण और दूसरी जरूरी देखभाल भी दी जाएगी। गंभीर रूप से घायल हाथी को अस्पताल में इलाज के लिए विमान से पहुंचाना भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया गया है। जॉयमोती को सड़क के लंबे और थकाऊ सफर से बचाने के लिए एयरलिफ्ट किया गया। यात्रा के दौरान उसकी सेहत, आराम और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।
वनतारा ने स्पष्ट किया है कि जॉयमोती को जामनगर लाना स्थायी स्थानांतरण नहीं है। उसे केवल विशेष और जरूरी इलाज के लिए यहां लाया गया है। वनतारा ने असम में हाथियों के लिए एक केंद्र समेत तीन वन्यजीव पशु चिकित्सा केंद्र बनाने का प्रस्ताव भी दिया है, ताकि भविष्य में घायल वन्यजीवों को उनके क्षेत्र के करीब ही बेहतर इलाज मिल सके।
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