मणिपाल हॉस्पिटल में हेल्थ टॉक : हड्डी, जोड़ एवं स्पाइन बीमारियों के प्रति किया जागरूक
जयपुर, मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर एवं जयपुर फिजियोथेरेपिस्ट नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष हेल्थ टॉक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को हड्डी, जोड़ एवं स्पाइन से संबंधित बीमारियों के प्रति जागरूक करना तथा इनके उपचार और ऑपरेशन के बाद बेहतर रिकवरी में फिजियोथेरेपी की भूमिका के बारे में जानकारी देना था।
डॉ. बी. आर. बागरिया और डॉ. मुकेश हरितवाल ने बताया कि हड्डी, जोड़ या स्पाइन की सर्जरी के बाद मरीज की बेहतर और शीघ्र रिकवरी में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सर्जरी के बाद नियमित एक्सरसाइज एवं विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी कराने से मरीज की मोबिलिटी बेहतर करने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और दैनिक गतिविधियों में वापस आने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान पोस्ट-ऑपरेटिव केयर पर भी विशेष चर्चा की गई। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज को डॉक्टर द्वारा बताए गए व्यायाम, फिजियोथेरेपी, दवाइयों और आवश्यक सावधानियों का नियमित रूप से पालन करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के अत्यधिक वजन उठाने या ऐसी गतिविधियां करने से बचना चाहिए, जिनसे सर्जरी के बाद रिकवरी प्रभावित हो सकती है।
मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के हॉस्पिटल डायरेक्टर रंजन ठाकुर ने कहा, “स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाने और समय पर सही उपचार प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हड्डी एवं स्पाइन से जुड़ी समस्याएं आज तेजी से बढ़ रही हैं और इनके प्रति सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. आर. बागरिया तथा स्पाइन रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश हरितवाल ने उपस्थित लोगों को हड्डी एवं स्पाइन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, उनके लक्षणों, बचाव के उपायों और आधुनिक उपचार विकल्पों के बारे में जानकारी दी।
डॉ. बी. आर. बागरिया और डॉ. मुकेश हरितवाल ने बताया कि हड्डी, जोड़ या स्पाइन की सर्जरी के बाद मरीज की बेहतर और शीघ्र रिकवरी में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सर्जरी के बाद नियमित एक्सरसाइज एवं विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी कराने से मरीज की मोबिलिटी बेहतर करने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और दैनिक गतिविधियों में वापस आने में मदद मिलती है।
डॉक्टर्स ने यह भी बताया कि हड्डी, जोड़ एवं स्पाइन से संबंधित समस्याओं से बचाव के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि, सही पोश्चर, संतुलित आहार और वजन को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है। साथ ही, लंबे समय तक कमर या गर्दन में दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट या कमजोरी, चलने-फिरने में परेशानी अथवा लगातार बने रहने वाले अन्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान पोस्ट-ऑपरेटिव केयर पर भी विशेष चर्चा की गई। डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीज को डॉक्टर द्वारा बताए गए व्यायाम, फिजियोथेरेपी, दवाइयों और आवश्यक सावधानियों का नियमित रूप से पालन करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के अत्यधिक वजन उठाने या ऐसी गतिविधियां करने से बचना चाहिए, जिनसे सर्जरी के बाद रिकवरी प्रभावित हो सकती है।
मणिपाल हॉस्पिटल जयपुर के हॉस्पिटल डायरेक्टर रंजन ठाकुर ने कहा, “स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लोगों को गंभीर बीमारियों से बचाने और समय पर सही उपचार प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हड्डी एवं स्पाइन से जुड़ी समस्याएं आज तेजी से बढ़ रही हैं और इनके प्रति सही जानकारी होना बेहद आवश्यक है।
ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से हमारा प्रयास है कि लोगों को बीमारी की रोकथाम, समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और उपचार के बाद बेहतर रिकवरी के लिए आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।


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