सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र 2.5 लाख रोजगार के अवसर प्रदान करेगा


देश में डिजिटल प्रौद्योगिकी में तेजी से हुई प्रगति से भारत इस क्षेत्र को  2018 के 2.5 बिलियन डॉलर के स्‍तर से 7.2 बिलियन डॉलर तक ले जा सकता है। इसका कारण क्‍लाउड कम्‍प्‍यूटिंग, टीओटी, बिग डाटा, मशीन लर्निंग, ब्‍लॉक चेन सहित कौशल विकास और प्रशिक्षण के विभिन्‍न 52 क्षेत्रों में स्‍वस्‍थ समापन है। आने वाले वर्षों में भारत आईटी क्षेत्र में सबसे अधिक विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा


नयी दिल्ली - केन्‍द्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री महेन्‍द्र नाथ पांडेय ने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में व्‍यापक कौशल विकास कार्यक्रम के माध्‍यम से आईटी क्षेत्र लगभग ढाई लाख नये रोजगार जुटाएगा। उन्‍होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी युवा ताकत को वास्‍तव में कुशल बल में बदलना प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में एनडीए सरकार का विजन है।


'विश्‍व कौशल भारत' -इंटरनेशनल क्‍लाउड कम्‍प्‍यूटिंग चैलेंज, 2019 को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि देश में डिजिटल प्रौद्योगिकी में तेजी से हुई प्रगति से भारत इस क्षेत्र को  2018 के 2.5 बिलियन डॉलर के स्‍तर से 7.2 बिलियन डॉलर तक ले जा सकता है। इसका कारण क्‍लाउड कम्‍प्‍यूटिंग, टीओटी, बिग डाटा, मशीन लर्निंग, ब्‍लॉक चेन सहित कौशल विकास और प्रशिक्षण के विभिन्‍न 52 क्षेत्रों में स्‍वस्‍थ समापन है। उन्‍होंने यह उम्‍मीद जाहिर की कि आने वाले वर्षों में भारत आईटी क्षेत्र में सबसे अधिक विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा। उन्‍होंने युवाओं से आधुनिक ज्ञान और कौशल के माध्‍यम से चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्‍व करने का आह्वान किया।


 पांडेय ने कहा कि देश की 62.5 प्रतिशत आबादी 15 से 59 वर्ग के बीच की है, जिसे डिजिटल इंडिया के विजन को पूरा करने के लिए एक सबसे अधिक प्रगतिशील कार्यबल बनने के लिए उचित मार्ग दर्शन, प्रोत्‍साहन और प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। अपने विशेष संबोधन में नेस्‍कॉम के चेयरमैन केशव मुरुगेश ने सरकार से डाटा संरक्षण विधेयक जल्‍दी से जल्‍दी संसद में पारित कराने के लिए कहा। उन्‍होंने कहा कि विश्‍व कौशल भारत पहली बार देश में आयोजित किया जा रहा है, जो वैश्विक प्रतिभा की पहचान करने का एक अवसर है। यह नेटवर्किंग और नये मित्र बनाने के लिए जल्‍दी ही एक मंच बन जाएग। उन्‍होंने यह भी कहा कि आने वाले 3-4 महीनों में 2 मिलियन लोगों को डिजिटल प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। जापान, चीन, ब्राजील, दक्षिण कोरिया, रूस, सिंगापुर, बेल्जियम और आयरलैंड के अनेक प्रतिभागी नेस्‍कॉम के तत्‍वाधान में क्‍लाउड कम्‍प्‍यूटिंग प्रतिस्‍पर्धा में भाग ले रहे हैं।             


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