सीआईआरसी क्रिकेट लीग 2024 : आईसीएआई जयपुर क्रिकेट टीम जोश और जुनून के साथ

० आशा पटेल ० 
जयपुर : इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की जयपुर शाखा द्वारा 15 चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की क्रिकेट टीम नोएडा के लिए रवाना हुई, जहां वे 9 से 12 नवंबर तक आयोजित सीआईआरसी क्रिकेट लीग 2024 में हिस्सा लेंगी। सेंट्रल इंडिया रीजनल कॉउंसिल (सीआईआरसी) के अन्तर्गत सात राज्य उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तराखंड आते है और इनमे कुल 50 शाखाओ में से 16 शाखाये इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी और 16 ब्रांचो के अंतर्गत जयपुर शाखा का चयन इस टूर्नामेंट के लिए हुआ है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। लीग का फाइनल मैच 12 नवंबर को खेला जाएगा ।

जयपुर शाखा के अध्यक्ष सीए नवीन शर्मा और उपाध्यक्ष सीए विकास यादव ने बताया कि इस वर्ष सीआईआरसी क्रिकेट लीग 2024 वार्षिक क्षेत्रीय स्तर का लेदर बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट है, जो नोएडा में सीआईआरसी की शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए हम जयपुर से 15 सदस्यीय टीम को बड़े उत्साह और उम्मीद के साथ भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजन न केवल खेल भावना को बढ़ावा देते हैं, बल्कि हमारे प्रोफेशनल सदस्यों के बीच मजबूत सौहार्द को भी प्रोत्साहित करते हैं।

टीम के कप्तान सीए अमित तोषनीवाल ने बताया कि उनकी टीम ने सीआईआरसी क्रिकेट लीग के लिए खिलाड़ियों ने महीनों से मेहनत की है, और हमारा हर खिलाड़ी, आत्म-समर्पण एवं सौहार्द के साथ मैदान में प्रवेश करने के लिए तैयार हैं और उम्मीद करते है की हम अपनी प्रदर्शन क्षमता को सकारात्मक रूप से प्रदर्शित करेंगे और विजेता बनकर जयपुर शाखा का नाम रोशन करेंगे । 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में ईपीसीएच पवेलियन ने भारतीय शिल्प कौशल का किया प्रदर्शन

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार

श्री राम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्या धाम पटल पर गूंजी पर्यावरण चेतना,महिला कवित्रियों ने रचा हरित इतिहास

नई जेनरेशन को मालूम ही नहीं,आज़ादी कैसे मिली