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सितंबर 10, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

DRAT और DRT को एक ही छत के नीचे लाया गया - बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

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० संवाददाता द्वारा ०  कोलकाता : अब से अधिक बेहतर समन्वय के माध्यम से न्याय निर्णयन की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा, क्योंकि ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण (डीआरएटी) और इसके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऋण वसूली अधिकरणों (डीआरटी) को एक ही छत के नीचे लाया गया है। ऋण वसूली अपीलीय अधिकरण ने कोलकाता स्थित जीवन सुधा भवन में अपने नए कार्यस्थल के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया। अब से कोलकाता अपीलीय अधिकरण उक्त ऊँची इमारत की दसवीं मंजिल पर स्थित होगा। इससे पहले इसका पता कोलकाता के 9, ओल्ड पोस्ट ऑफिस स्ट्रीट पर था। ऋणों की शीघ्र वसूली की बढ़ती आवश्यकता और बैंकों की बड़ी वित्तीय हिस्सेदारी को देखते हुए 1993 में बैंकों और वित्तीय संस्थानों को देय ऋणों की वसूली अधिनियम, 1993 बनाया गया, जिसका बाद में नाम बदलकर ऋण वसूली और दिवालियापन अधिनियम, 1993 कर दिया गया। इस अधिनियम में बैंकों के ऋणों से संबंधित मुकदमों के लिए विशेष अधिकरणों की स्थापना का प्रावधान किया गया। कानून में निर्धारित व्यवस्था के अनुरूप पूरे देश में ऋण वसूली अधिकरण स्थापित किए गए और उनके शीर्ष पर अपीलीय अधिकरण रखा गया। कोलकाता...

लाओस में वनतारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट से बीमार-घायल हाथियों का करेगा इलाज

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० संवाददाता द्वारा ०  लुआंग प्रबांग : लाओस में बीमार और घायल हाथियों के इलाज के लिए वनतारा ने मांडलाओ एलीफेंट कंजर्वेशन के साथ मिलकर नया कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत हाथियों के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है और वनतारा ने पूरी तरह सुसज्जित मोबाइल वेटरनरी यूनिट उपलब्ध कराई है। गंभीर और लंबे इलाज की जरूरत वाले हाथियों के लिए एक विशेष अस्पताल भी बनाया जाएगा। लाओस में फिलहाल करीब 400 जंगली और 400 से ज्यादा पालतू हाथी हैं और दोनों की संख्या लगातार घट रही है। कार्यक्रम के तहत जंगली और देखरेख में रह रहे, दोनों तरह के हाथियों के इलाज और संरक्षण पर काम किया जाएगा। इसी दौरान 43 साल की हथिनी मे खामनॉय को भी बचाया गया है। वर्षों तक लकड़ी ढुलाई और बाद में पर्यटकों के लिए इस्तेमाल की गई इस हथिनी को अब मांडलाओ में देखभाल और इलाज के साथ सुरक्षित जीवन मिलेगा।

विदेश से पेमेंट लेना होगा आसान, जियो पेमेंट सॉल्यूशंस ने शुरू की क्रॉस-बॉर्डर सर्विस

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : विदेश में सामान या सेवाएं बेचने वाले भारतीय कारोबारियों के लिए पेमेंट लेना आसान होगा। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की कंपनी जियो पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (JPSL) ने क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सर्विस शुरू की है। इसके जरिए भारतीय एक्सपोर्टर्स दुनिया भर के ग्राहकों से वर्चुअल अकाउंट, इंटरनेशनल कार्ड और स्थानीय पेमेंट नेटवर्क के जरिए पैसा ले सकेंगे।  JPSL को RBI से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट एग्रीगेटर की मंजूरी मिली है, जो एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट दोनों तरह के ट्रांजैक्शन को कवर करती है। हालांकि लॉन्च की गई सर्विस का मुख्य फोकस फिलहाल विदेश से पेमेंट लेने को आसान बनाने पर है। इस सर्विस का फायदा ऑनलाइन सेलर्स, डिजिटल बिजनेस, फ्रीलांसर्स, क्रिएटर्स और सॉफ्टवेअर सर्विस देने वाली कंपनियों को भी मिल सकता है। अभी विदेशी ग्राहकों से पेमेंट लेने में अलग-अलग करेंसी, कई पार्टनर्स, कागजी काम और पेमेंट मिलान जैसी दिक्कतें आती हैं। कंपनी का कहना है कि नया प्लेटफॉर्म इन प्रक्रियाओं को आसान करेगा और कारोबारियों को विदेशी ग्राहकों से उनकी स्थानीय पेमेंट व्यवस्था के जरिए पैसा लेने की सुविध...

राजस्थान बनेगा देश में 'क्रिटिकल मिनरल्स' और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) का नया हब-दिग्विजय ढाबरिया

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० आशा पटेल ०  जयपुर। देश की आर्थिक प्रगति और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से, PHDCCI-राजस्थान चैप्टर द्वारा जयपुर के पीएचडी हाउस में '4थ राजस्थान माइनिंग समिट' का आयोजन किया गया। इस शिखर सम्मेलन का विषय “जियोपॉलिटिक्स, मिनरल सिक्योरिटी एंड राजस्थान’स अपॉर्चुनिटी इन क्रिटिकल मिनरल्स विद एम्फैसिस ऑन आरईई (REE)” रखा गया। PHDCCI-राजस्थान चैप्टर के चेयरमैन दिग्विजय ढाबरिया ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) में आ रहे बदलावों का हवाला देते हुए कहा कि बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में खनिज सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा बन चुकी है। ढाबरिया ने बताया कि राजस्थान में 83.50 मिलियन टन रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REEs) के भंडार के पदचिह्न (footprints) मिले हैं। इस विशाल संपदा के साथ राजस्थान भारत के नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी खनन से लेकर बाजार (Mine to Market) तक का एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने के लिए सक्रिय नीतियां लागू कर रही है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के पश्चिमी क्षेत्र के उप महा...