"आओ नूतन वर्ष मनायें"


विजय सिंह बिष्ट


आओ नूतन वर्ष मनायें
विगत वर्ष को दें विदाई,
आओ नव-वर्ष मनायें।
विगत  रात्रि कहें अलविदा,
नव प्रभात पर हर्ष मनायें।
आओ मिलकर नव वर्ष मनायें


शुभ संदेश दें जन जन को,
नूतन कर्म करने को हाथ बढायें।
आओ  भारत मां को सबल बनायें।
आओ नव-वर्ष मनायें।


मन में हों आशा की किरणें,
कुछ करें, करके दिखलायें।
हर श्रृंगार करें भारत मां का,
नव विकास की ज्योति जलायें।
आओ नूतन वर्ष मनायें।


मंगल गीतों से गूंजे धरती,
आओ इसको स्वर्ग बनायें।
गर्भित हो दुनिया सारी हम पर,
ऐसी स्वर्णिम आभा फैलायें।
आओ मिलकर नव-वर्ष मनायें।
आओ विकसित भारत वर्ष बनायें।
आओ नव-वर्ष मनायें।
      


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