जयपुर को पशुचिकित्सा परिषद की मान्यता विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में छाई खुशी की लहर


बीकानेर । वेटरनरी विश्वविद्यालय के संघटक पशुचिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर (पी.जी.आई.वी.ई.आर.) की स्नातक डिग्री को भारतीय पशुचिकित्सा परिषद् की प्रथम अनुसूचि में शामिल किया गया है। भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग की भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के तहत पशुचिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर को वी.सी.आई. की अनुसूचि में शामिल किया गया है।

 

वेटरनरी कौंसिल ऑफ इंडिया की सलाहकार समिति की अभिशंषा के बाद यह नोटिफिकेशन मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है। वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने इस निर्णय को एक उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे केन्द्र एवं राज्य सरकार से अनुदान और सहायता राशि मिलने का रास्ता प्रशस्त हो गया है। अब इस महाविद्यालय का चहुँमुखी विकास संभव हो सकेगा। कुलपति ने संस्थान के सभी संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को उनके प्रयासों एवं टीम वर्क के लिए बधाई दी है। पशुचिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर के भारतीय पशुचिकित्सा परिषद् की पहली अनुसूचि में सम्मिलित करने की खबर जैसे ही पहुँची सभी विद्यार्थी, कर्मचारीगण एवं संकाय सदस्यों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप समूह पर बधाई दी।

 

कुलपति प्रो. शर्मा ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि इस महाविद्यालय, जयपुर द्वारा प्रदत् डिग्रीधारक विद्यार्थी अब देश के उच्च ख्याति प्राप्त शिक्षण संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे। पशुचिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर के वी.सी.आई. की प्रथम अनुसूची ने शामिल होने के साथ ही वेटरनरी विश्वविद्यालय के तीनों संघटक महाविद्यालय बीकानेर, जयपुर और नवानियां (उदयपुर) वी.सी.आई की की प्रथम अनुसूची में शामिल हो गये है। 

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