मधु विहार की बदहाली पर सातों ब्लॉकों के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी
० योगेश भट्ट ०
नई दिल्ली। पालम विधानसभा क्षेत्र के मधु विहार वार्ड में नागरिक समस्याओं को लेकर आर.डब्ल्यू.ए. के तत्वावधान में सातों ब्लॉकों की जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जनसभा में सीवर ओवरफ्लो, दूषित एवं गंदे पानी की आपूर्ति, जलभराव, खराब गलियों एवं सड़कों, डीप सीवर से उत्पन्न गंभीर खतरे तथा बढ़े हुए पानी के बिलों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। निवासियों ने कहा कि बार-बार शिकायतों और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
आर.डब्ल्यू.ए. के प्रधान रणवीर सिंह सोलंकी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता अब आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे मधु विहार के लोगों को अब जवाब चाहिए और स्थायी समाधान चाहिए।
सोलंकी ने कहा कि यदि सातों ब्लॉकों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के निवासियों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन एवं व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन केवल आश्वासन मिलने तक नहीं, बल्कि समस्याओं के धरातल पर स्थायी समाधान होने तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर चिंता की बात यह है कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण होना चाहिए, वे कई सप्ताह तक लंबित रहती हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद भी यदि अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही के संकट को दर्शाता है।
सोलंकी ने दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों, जल मंत्री एवं मुख्यमंत्री से मांग की कि मधु विहार में लंबित शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी, अधिकारियों की कार्यप्रणाली तथा नागरिकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की निष्पक्ष विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल, सुचारु सीवर व्यवस्था, जलभराव से मुक्ति और सुरक्षित सड़कें कोई सरकार की मेहरबानी नहीं, बल्कि नागरिकों का मूलभूत अधिकार हैं। जनता अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठा रही है और अब प्रशासन को तय करना है कि वह जनता की आवाज सुनेगा या फिर लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर करेगा।
जनसभा में मौजूद सातों ब्लॉकों के निवासियों ने एकजुट होकर कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मधु विहार की जनता शांत नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज को और बुलंद करेगी।
मधु विहार की जनता का संदेश स्पष्ट है अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए; कागजों पर समाधान नहीं, जमीन पर स्थायी समाधान चाहिए।
नई दिल्ली। पालम विधानसभा क्षेत्र के मधु विहार वार्ड में नागरिक समस्याओं को लेकर आर.डब्ल्यू.ए. के तत्वावधान में सातों ब्लॉकों की जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर वर्षों से लंबित समस्याओं को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जनसभा में सीवर ओवरफ्लो, दूषित एवं गंदे पानी की आपूर्ति, जलभराव, खराब गलियों एवं सड़कों, डीप सीवर से उत्पन्न गंभीर खतरे तथा बढ़े हुए पानी के बिलों जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। निवासियों ने कहा कि बार-बार शिकायतों और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।
आर.डब्ल्यू.ए. के प्रधान रणवीर सिंह सोलंकी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता अब आश्वासनों से संतुष्ट होने वाली नहीं है। वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे मधु विहार के लोगों को अब जवाब चाहिए और स्थायी समाधान चाहिए।
सोलंकी ने कहा कि यदि सातों ब्लॉकों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के निवासियों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन एवं व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन केवल आश्वासन मिलने तक नहीं, बल्कि समस्याओं के धरातल पर स्थायी समाधान होने तक जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर चिंता की बात यह है कि जिन शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण होना चाहिए, वे कई सप्ताह तक लंबित रहती हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद भी यदि अधिकारी कार्रवाई नहीं करते तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही के संकट को दर्शाता है।
सोलंकी ने दिल्ली जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों, जल मंत्री एवं मुख्यमंत्री से मांग की कि मधु विहार में लंबित शिकायतों के निस्तारण में हो रही देरी, अधिकारियों की कार्यप्रणाली तथा नागरिकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की निष्पक्ष विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल, सुचारु सीवर व्यवस्था, जलभराव से मुक्ति और सुरक्षित सड़कें कोई सरकार की मेहरबानी नहीं, बल्कि नागरिकों का मूलभूत अधिकार हैं। जनता अपने अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठा रही है और अब प्रशासन को तय करना है कि वह जनता की आवाज सुनेगा या फिर लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर करेगा।
जनसभा में मौजूद सातों ब्लॉकों के निवासियों ने एकजुट होकर कहा कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मधु विहार की जनता शांत नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज को और बुलंद करेगी।
मधु विहार की जनता का संदेश स्पष्ट है अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए; कागजों पर समाधान नहीं, जमीन पर स्थायी समाधान चाहिए।
टिप्पणियाँ