शांतिवन में जन्माष्टमी पर दो दिन सजेगा श्रीकृष्ण- राधारानी का राज दरबार- स्वर्णिम युग की दिखेगी झलक
आबूरोड (राजस्थान)। ब्रह्माकुमारीज़ के अंतरराष्ट्रीय शांतिवन परिसर के गेट नंबर एक के सामने दो दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में विशाल झांकी 4 सितंबर और 5 सितंबर को सजाई जाएगी। इसे लेकर तैयारियाें को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 75 फीट लंबे इस पांडाल में श्रीकृष्ण के बालरूप से लेकर राधा-मीरा का श्रीकृष्ण से प्यार, गोवर्धन पर्वत, राधा-श्रीकृष्ण का झूला, गीता ज्ञान देते श्रीकृष्ण, शेषनाग और स्वर्णिम दुनिया की झलक दिखेगी।
झांकी में विशेष रूप से श्रीलक्ष्मी-श्रीनारायण का राज दरबार आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसे इस तरह सजाया जाएगा, जिसमें स्वर्णिम युग की झलक दिखेगी। साथ ही श्रीकृष्ण-राधा और गोपिकाओं से मिलन के सुंदर दृश्य भी दर्शाया जाएगा। इसमें वर्तमान युग से जोड़कर दुनिया की स्थिति और सतयुग की स्थिति को दिखाया जाएगा। एक पंडाल में दिखाया जाएगा कि कैसे परमपिता परमात्मा इस धरा पर आकर मानव आत्माओं को गीता ज्ञान देकर स्वर्णिम युग का रास्ता दिखाते हैं।
झांकी का शुभारंभ 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर शाम 7 बजे किया जाएगा जो रात 11 बजे तक रहेगी। इसे लाइटिंग और साउंड के संयोजन से झांकी को कलात्मक रूप दिया गया है। झांकी के संयोजक बीके चिरंजीवी भाई ने बताया कि झांकी में श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं, माखनचोरी आदि को प्रदर्शित किया जाएगा। झांकी के साथ श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंग से जुड़े तमाम पहलुओं में छिपे आध्यात्मिक रहस्यों को दिखाया जाएगा।
झांकी में विशेष रूप से श्रीलक्ष्मी-श्रीनारायण का राज दरबार आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसे इस तरह सजाया जाएगा, जिसमें स्वर्णिम युग की झलक दिखेगी। साथ ही श्रीकृष्ण-राधा और गोपिकाओं से मिलन के सुंदर दृश्य भी दर्शाया जाएगा। इसमें वर्तमान युग से जोड़कर दुनिया की स्थिति और सतयुग की स्थिति को दिखाया जाएगा। एक पंडाल में दिखाया जाएगा कि कैसे परमपिता परमात्मा इस धरा पर आकर मानव आत्माओं को गीता ज्ञान देकर स्वर्णिम युग का रास्ता दिखाते हैं।

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