सरकारी ई-बाजार - जेम और दिल्‍ली सरकार के बीच समझौता


नयी दिल्ली - भारत सरकार के वाणिज्य विभाग द्वारा गठित सरकारी ई-बाजार एक अत्‍याधुनिक सार्वजनिक खरीद का मंच है। जो सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी उपभोक्‍ताओं की सुविधा के लिए ई-बोली प्रक्रिया, रिवर्स ई-नीलामी और मांग में सामंजस्‍य बनाए रखने के तौर-तरीके उपलब्‍ध कराता है।


पोर्टल पर 40 हजार से अधिक खरीदार संगठन और 3 लाख से अधिक विक्रेता और सेवा प्रदाता पंजीकृत हैं। इसके अलावा, लगभग 15 लाख उत्पाद और सेवाएँ जिनमें 3,000 से अधिक उत्पाद श्रेणियां हैं, जीईएम पर उपलब्ध हैं। पोर्टल द्वारा प्रदान की जाने वाली पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता की पहल ने सरकारी संगठनों के लिए औसतन 15 - 25% की बचत की है।


सरकारी ई-बाजार (जीईएम) ने दिल्ली के खरीदार संगठनों को बाजार आधारित खरीद की सुविधा उपलब्‍ध कराने के लिए दिल्ली सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए हैं। दिल्ली लगातार सरकारी ई-बाजार पर शीर्ष खरीदारों में से एक रही है। समझौता ज्ञापन दोनों संस्थाओं की खरीद प्रक्रिया के निर्देशों और प्रणालियों के बीच सामंजस्य को और बेहतर बनाएगा जिससे खरीद प्रक्रिया आसान और सुलभ हो जाएगी।


समझौता ज्ञापन पर सरकारी ई-बाजार की ओर से मुख्‍य वित्‍तीय अधिकारी और संयुक्‍त सचिव राजीव कांडपाल तथा दिल्‍ली सरकार की ओर से विशेष वित्‍त सचिव नीरज भारती ने हस्‍ताक्षर किए। इसके साथ ही सरकारी ई-बाजार अब तक 30 राज्‍यों और संघ शासित प्रदेशों के साथ करार कर चुका है।


 


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