विश्वविद्यालयों में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम पर पीठों की स्थापना की जाएगी

नयी दिल्ली - महिला एवं बाल विकास मंत्रालय देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी 10 पीठों का गठन करेगा, ताकि अनुसंधान गतिविधियों के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। इस पहल को ‘विश्वविद्यालयों में पीठों की स्थापना’ का नाम दिया गया है। इसके तहत प्रशासन, कला, विज्ञान और सामाजिक सुधार में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम पर पीठों की स्थापना की जाएगी। इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) सहायता देगा। इस पहल से उच्च शिक्षा के लिए देश की बालिकाओं और महिलाओं को प्रेरित करने की योजना है।



 


      प्रति पीठ के लिए प्रतिवर्ष 50 लाख रुपये का वित्तीय प्रस्ताव किया गया है और सभी 10 पीठों की स्थापना के लिए हर वर्ष लगभग 5 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। आरम्भ में 5 वर्षों की अवधि के लिए पीठों की स्थापना की जाएगी।


      पीठों की अकादमिक गतिविधियों में अनुसंधान को शामिल किया गया है, जिसके तहत अध्ययन के क्षेत्र में ज्ञान को बढ़ावा देना, जन-नीति बनाने में विश्वविद्यालय/अकादमिक संस्थानों की भूमिका को मजबूत करना और उच्च शिक्षा में अध्यापकों के लिए अल्पकालीन क्षमता निर्माण कार्यक्रम तैयार करना और चलाना शामिल है। इन सबको पीठ के अधीन विषय के रूप में रखा गया है। अन्य अकादमिक गतिविधियों में अंतर-विश्वविद्यालय/अंतर-महाविद्यालय स्तर पर स्नातकोत्तर तथा अनुसंधान के लिए संवाद, चर्चा बैठक, सेमीनार/ग्रीष्मकालीन व शरदकालीन स्कूली गतिविधियां, लेखों/अनुसंधान पत्रों/रिपोर्टों/पुस्तकों का प्रकाशन और विभागों या स्कूलों में शिक्षण तथा पीएचडी कार्यक्रमों में हिस्सेदारी शामिल की गई हैं।


      


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