20 जुलाई को "लोकतंत्र बचाओ, धर्मेंद्र प्रधान हटाओ" की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन
० आशा पटेल ०
जबलपुर । किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ सुनीलम ने केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली पुलिस कमिश्नर को हटाकर पुलिस के माध्यम से देश के महान वैज्ञानिक एवं पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के अनशन के 21वें दिन उन्हें जबरदस्ती सफेद चादर में लपेटकर ले जाने की कार्यवाही को घबराहट में की गई अनैतिक और गैर कानूनी कार्यवाही बतलाते हुए कहा है कि यह सरकार की कमजोरी का प्रमाण है ।डॉ सुनीलम ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को सोनम वांगचुक के साथ जोर जबरदस्ती करने का कोई निर्देश नहीं दिया था।डॉ सुनीलम ने आईसा की नेत्री नेहा, छात्र नेता मनीष कुमार और आमीन की बहादुरी और परिपक्वता की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस यदि जबरदस्ती करती तो जंतर मंतर पर कोई भी हादसा हो सकता था। डॉ सुनीलम ने कहा कि देशभर में सोनम वांगचुक के साथ की गई पुलिसिया कार्यवाही के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है।देश भर में स्वतः स्फूर्त विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गोदी मीडिया उन्हें दिखला नहीं रहा है।
डॉ सुनीलम ने देशभर के किसान संगठनों, मजदूर संगठनों, जन संगठनों, युवाओं और छात्र-छात्राओं के संगठनों से अपील की है कि वे 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचे।उन्होंने कहा कि जिन साथियों का दिल्ली पहुंचना संभव नहीं है उन्हें 20 जुलाई को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन, अनशन, सम्मेलन, प्रेस कॉन्फ्रेंस या सभा के माध्यम से विरोध प्रकट करना चाहिए तथा राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने जंतर मंतर पर पहुंच कर छात्र-छात्राओं के आंदोलन का समर्थन किया है। इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों को जिला स्तर पर संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन करना चाहिए। डॉ सुनीलम ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा एवं अन्य किसान नेताओं ने जंतर मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक और छात्र-छात्राओं से मिलकर उन्हें समर्थन देने की घोषणा की है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि देशभर में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा 22 जुलाई को 'किसान संकल्प दिवस' मनाते समय 'लोकतंत्र बचाओ, धर्मेंद्र प्रधान हटाओ' के मुद्दे को भी शामिल करना चाहिए। डॉ सुनीलम ने सरकार से अपील की कि वह दमनात्मक षडयंत्र करने की बजाय संवाद के लिए आगे आए।
केंद्र सरकार यदि पृथकतावादियों से संवाद कर सकती है तो छात्र-छात्राओं से बातचीत करने से पीछे क्यों हट रही है? डॉ सुनीलम ने कहा सरकार पार्लियामेंट्री स्ट्रीट पर आंदोलनकारियों को मार्च कर सभा करने की इजाजत दे ताकि बिना टकराव और भगदड़ के युवाओं का कार्यक्रम सम्पन्न हो सके।
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