जयपुर में सीए प्रोफेशनल का गिफ्ट सिटी व सर्विस एक्सपोर्टस में सीए फर्म्स को नए अवसर

० आशा पटेल ० 
जयपुर । भारत तेजी से दुनिया के प्रोफेशनल और बिजनेस सर्विसेज हब के रूप में उभर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सर्विस एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 421.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें बिजनेस सर्विस का योगदान 124.2 अरब डॉलर यानी करीब 29.5 प्रतिशत रहा। वहीं भारत में 2,117 ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर्स लगभग 23.6 लाख प्रोफेशनल्स के साथ करीब 98.4 अरब डॉलर का वार्षिक रेवेन्यू जेनरेट कर रहे हैं।

इन के बीच भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए अवसर अब अकाउटिंग audit और टेक्सेशन से आगे बढ़कर ग्लोबल consulting, फाइनेंस सर्विस , गिफ्ट सिटी और इंटरनेशनल प्रोफेशनल्स सर्विस तक पहुंच रहे हैं। इसी दिशा में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ग्लोबल ट्रेड एंड सर्विस कमिटी के तत्वावधान में जयपुर में “ICAI Global Orbit: From GCCs to Global Leadership” विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी ICAI की जयपुर शाखा, CIRC द्वारा की गई।
कार्यक्रम में इस बात पर मंथन हुआ कि भारत की प्रोफेशनल प्रतिभा को वैश्विक अवसरों से कैसे जोड़ा जाए और भारतीय प्रोफेशनल्स एवं फर्म्स को केवल डोमेस्टिक सर्विस प्रोवाईडरस के रूप में कैसे आगे बढ़ाया जाए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सलिल गोपाल कंसल, डिप्टी कमिश्नर (कस्टम्स) रहे। इस अवसर पर ग्लोबल ट्रेड एंड सर्विस कमिटी के चेयरमैन सीए संजीब सांघी, वाइस चेयरमैन एवं प्रोग्राम डायरेक्टर सीए (डॉ.) रोहित रुवाटिया, ICAI सेंट्रल काउंसिल मेंबर, सीए सतीश गुप्ता, वाइस चेयरमैन कमल जैन उपस्थित रहे।

 कैलाश चंद मीणा, सहायक डीजीएफटी (RA Jaipur) ने सेवाओं के निर्यात की संभावनाओं पर विशेष संबोधन दिया। ICAI के पूर्व अध्यक्ष सीए अनिकेत तलाटी एवं सीए संजीब सांघी ने स्थानीय विशेषज्ञता से वैश्विक सफलता तक” विषय पर मुख्य संबोधन दिया। इस में सीए (डॉ.) रोहित रुवतिया अग्रवाल एवं NAV India के प्रबंध निदेशक सीए अनिल अग्रवाल ने भी विचार रखे।

कार्यक्रम में गिफ्ट सिटी के माध्यम से उपलब्ध वैश्विक वित्तीय अवसरों पर भी विशेष चर्चा हुई। IFSCA के डिप्टी जनरल मैनेजर सीए हिमांशु जैन ने गिफ्ट सिटी में सीए के लिए उभरते अवसरों की जानकारी दी। मार्च 2026 तक गिफ्ट सिटी IFSC में 1,147 रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं तथा वहां बैंकिंग एसेटस 111 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुके हैं।

GCCs पर चर्चा में सीए संजीब सांघी, राकेश सिन्हा एवं सीए नितिन सोमानी ने प्रोफेशनल्स के लिए उभरते अवसरों पर विचार रखे। भारत में GCC इकोसिस्टम अब लगभग 98.4 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है और इसमें 23.6 लाख प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं। इससे फाइनेंस , एकाउंटिंग , रिस्क मेनेजमेंट ,टेक्सेशन ,कंसल्टिंग और टेक्नोलोजी प्रोफेशनल्स सर्विस में भी नए अवसर सामने आ रहे हैं।

 “टैलेंट एंड स्किल सेट फॉर गोइंग ग्लोबल ” विषय पर पैनल चर्चा हुई, जिसका संचालन सीए अंकित माहेश्वरी ने किया। पैनल में सीए दयानिवास शर्मा, डॉ. रवि दसारी एवं सीए आदेश मोर शामिल रहे। चर्चा में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक स्किल और प्रोफेशनल केपेबिलिटी पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में यह संदेश उभरा कि जब भारत 421 अरब डॉलर से अधिक की सेवाएं दुनिया को निर्यात कर रहा है और देश का इकोसिस्टम करीब 100 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच चुका है, तब भारतीय सीए और भारतीय प्रोफेशनल फर्म्स के सामने भी वैश्विक स्तर पर बड़े संस्थान और ब्रांड खड़े करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

वक्ताओं ने कहा कि आने वाला दशक भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए केवल “भारत में काम करने” का नहीं, बल्कि “भारत से दुनिया के लिए काम करने” का हो सकता है। इसके लिए टेक्नोलोजी, ग्लोबल रेगुलेशनस ,इन्टरनेशनल टेकसेशान, कंसल्टेशन, क्रोस बोर्डर ट्रांसक्षणस और नए बिजनेस मोडलस के अनुरूप स्किल विकसित करने की आवश्यकता है। ग्लोबल लीडरशिप की सोच के साथ यह आयोजन भारतीय सीए और प्रोफेशनल फर्म्स को वैश्विक अवसरों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।

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