के.सी. महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट ने 92 छात्रों को 4.26 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की
मुंबई | के.सी. महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट ने के.सी. महिंद्रा पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज स्कॉलरशिप के तहत 92 मेधावी छात्रों को 4.26 करोड़ रुपये की ब्याज-मुक्त ऋण छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस पहल के जरिए ट्रस्ट ने देश के भावी लीडर्स, इनोवेटर्स और बदलाव लाने वाले युवाओं को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
वर्ष 1956 में शुरू की गई के.सी. महिंद्रा पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज स्कॉलरशिप ट्रस्ट की पहली छात्रवृत्ति थी और आज यह देश की सबसे प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर छात्रवृत्तियों में गिनी जाती है। इसकी शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि प्रतिभाशाली भारतीय छात्र विदेशों में उन विषयों की उच्च शिक्षा प्राप्त करें, जिनकी सुविधा उस समय भारत में उपलब्ध नहीं थी और लौटकर देश के विकास में योगदान दें।अपने 70वें वर्ष में ट्रस्ट ने इस छात्रवृत्ति का लाभ अब भारत में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों तक भी बढ़ा दिया है। यह निर्णय भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ट्रस्ट के बढ़ते विश्वास और देश के प्रतिभाशाली छात्रों को उनके अध्ययन स्थल की परवाह किए बिना सहयोग देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस वर्ष छात्रवृत्ति को देशभर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और 1,744 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 99 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया|
चयन समिति में के.सी. महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट के चेयरमैन आनंद महिंद्रा; ट्रस्टी भरत दोशी, उल्हास यारगोप और लीना लाबरू; एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट एवं चांसलर डॉ. इंदु शाहानी; महिंद्रा समूह के नॉन-एग्जीक्यूटिव एवं नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रंजन पंत; महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड में चीफ ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज़, एफईबी, रुचा नानावटी; महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर रोहित ठाकुर; तथा महिंद्रा समूह में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (सीएसआर) फरीदा बलसारा शामिल थे।
इस वर्ष के उम्मीदवारों की प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रभावित होकर चयन समिति ने अंतिम साक्षात्कार में शामिल सभी उम्मीदवारों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया। प्रत्येक छात्र को उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर 1 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक की ब्याज-मुक्त ऋण छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
के.सी. महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा, "हर साल के.सी. महिंद्रा छात्रवृत्ति के लिए चुने गए विद्यार्थियों से मिलकर भारत के भविष्य को लेकर मेरा विश्वास और मजबूत होता है। इस वर्ष का अवसर हमारे लिए खास है, क्योंकि अब यह छात्रवृत्ति दुनिया के अग्रणी संस्थानों के साथ भारत के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर रहे मेधावी छात्रों को भी प्रदान की जा रही है। जहां भी प्रतिभा हो, उसे पहचानना और प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। मुझे खुशी है कि यह छात्रवृत्ति अब प्रतिभाशाली भारतीय युवाओं की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ रही है।
वर्ष 1956 में शुरू की गई के.सी. महिंद्रा पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज स्कॉलरशिप ट्रस्ट की पहली छात्रवृत्ति थी और आज यह देश की सबसे प्रतिष्ठित स्नातकोत्तर छात्रवृत्तियों में गिनी जाती है। इसकी शुरुआत इस सोच के साथ की गई थी कि प्रतिभाशाली भारतीय छात्र विदेशों में उन विषयों की उच्च शिक्षा प्राप्त करें, जिनकी सुविधा उस समय भारत में उपलब्ध नहीं थी और लौटकर देश के विकास में योगदान दें।अपने 70वें वर्ष में ट्रस्ट ने इस छात्रवृत्ति का लाभ अब भारत में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों तक भी बढ़ा दिया है। यह निर्णय भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ट्रस्ट के बढ़ते विश्वास और देश के प्रतिभाशाली छात्रों को उनके अध्ययन स्थल की परवाह किए बिना सहयोग देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस वर्ष छात्रवृत्ति को देशभर से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और 1,744 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद 99 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया|
चयन समिति में के.सी. महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट के चेयरमैन आनंद महिंद्रा; ट्रस्टी भरत दोशी, उल्हास यारगोप और लीना लाबरू; एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी की प्रेसिडेंट एवं चांसलर डॉ. इंदु शाहानी; महिंद्रा समूह के नॉन-एग्जीक्यूटिव एवं नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रंजन पंत; महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड में चीफ ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज़, एफईबी, रुचा नानावटी; महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के ग्रुप चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर रोहित ठाकुर; तथा महिंद्रा समूह में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (सीएसआर) फरीदा बलसारा शामिल थे।
इस वर्ष के उम्मीदवारों की प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन से प्रभावित होकर चयन समिति ने अंतिम साक्षात्कार में शामिल सभी उम्मीदवारों को छात्रवृत्ति देने का निर्णय लिया। प्रत्येक छात्र को उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर 1 लाख रुपये से 12 लाख रुपये तक की ब्याज-मुक्त ऋण छात्रवृत्ति प्रदान की गई।
के.सी. महिंद्रा एजुकेशन ट्रस्ट के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा, "हर साल के.सी. महिंद्रा छात्रवृत्ति के लिए चुने गए विद्यार्थियों से मिलकर भारत के भविष्य को लेकर मेरा विश्वास और मजबूत होता है। इस वर्ष का अवसर हमारे लिए खास है, क्योंकि अब यह छात्रवृत्ति दुनिया के अग्रणी संस्थानों के साथ भारत के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर रहे मेधावी छात्रों को भी प्रदान की जा रही है। जहां भी प्रतिभा हो, उसे पहचानना और प्रोत्साहित करना बेहद जरूरी है। मुझे खुशी है कि यह छात्रवृत्ति अब प्रतिभाशाली भारतीय युवाओं की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ रही है।

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