मजलिस द्वारा ‘शाम-ए-शब्द’ का राजस्थानी रंग में आयोजन ‘खम्मा घणी, मस्ती घणी’

० आशा पटेल ० 
जयपुर । शहर में कला और संस्कृति को समर्पित मंच ‘शाम-ए-शब्द’ द्वारा एक सामाजिक कार्यक्रम ‘खम्मा घणी, मस्ती घणी’ का आयोजन किया गया, जो पूरी तरह राजस्थानी थीम पर आधारित था। इस रंगारंग संध्या में प्रसिद्ध बापांग म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार यूसुफ खान ने अपनी शानदार प्रस्तुति से समां बांध दिया।
‘शाम-ए-शब्द’ एक ऐसा मंच है जो कला और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है। यह मंच हर महीने अलग-अलग थीम पर कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसमें संगीत, कविता, नृत्य और अन्य कलाओं का समागम देखने को मिलता है।
इस मंच से वर्तमान में 80 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। इसकी स्थापना दीपा माथुर, अभिषेक मिश्रा, वरुण भंसाली और निखिल कपूर द्वारा की गई है कमला पोद्दार व विनोद भारद्वाज मजलिस के सलाहकार हैं व रेशमा खान, चेतना शर्मा और पुष्पेन्द्र उपाध्याय की लीडरशिप टीम है । शाम ए शब्द मजलिस का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम को Pariworld (लाइव एवं आर्टिफिशियल प्लांट कंपनी) और Shailendra Singh Designs का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इस मनमोहक संध्या का संचालन पुष्पेंद्र और चेतनम द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने आकर्षक अंदाज़ से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा
कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों और अतिथियों ने राजस्थानी संस्कृति, संगीत और रंगों से सजी इस शाम का भरपूर आनंद लिया। ‘खम्मा घणी, मस्ती घणी’ ने सभी के दिलों में खास जगह बना ली और यह शाम लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी।



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