शिक्षा व्यवस्था में फैली अव्यवस्था भाजपा के अंत का कारण बनेगी – अभिषेक जैन बिट्टू

० आशा पटेल ० 
जयपुर। पिछले सवा महीने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली। आंदोलनरत छात्रों के लगातार दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे छात्रों की एकजुटता, लोकतांत्रिक संघर्ष और दृढ़ संकल्प की जीत बताया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी के राजस्थान मीडिया इंचार्ज अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा कि जिन छात्रों को कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा देशद्रोही, गद्दार, अराजक और अन्य अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया जा रहा था, उन्हीं लाखों छात्रों ने अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष किया। उनका यह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि देश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य के प्रति सजग है।
अभिषेक जैन ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि उन छात्रों और परिवारों की पीड़ा का परिणाम है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था की खामियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण अपने सपनों को टूटते देखा। उन्होंने दावा किया कि प्रधान के 5 साल के कार्यकाल में लगभग 70 हजार छात्रों ने आत्महत्या करने जैसे कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा तथा हालिया पेपर लीक प्रकरण के बाद भी 22 से अधिक छात्रों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं की जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है ,जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है उन्हें ₹1-1 करोड़ की आर्थिक सहायता नहीं मिलती तथा आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। अभिषेक जैन बिट्टू ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल झांकी है, यदि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार के बजाय हठधर्मिता और अहंकार का परिचय देती रही तो राजनीतिक जवाबदेही का दायरा और भी बड़ा होगा। जिसके तहत नरेंद्र मोदी की भी बारी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि देश की 75 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी हुई है। ऐसे में केंद्र सरकार का प्रथम दायित्व शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्था को दूर करना है। यदि शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया तो यही मुद्दा भविष्य में भाजपा के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि आज का युवा जागरूक, जिम्मेदार और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखने वाला है। वह अपने अधिकार लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से प्राप्त करना जानता है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रताप नगर की 87 कॉलोनियों,औद्योगिक संकट और सांगानेर के विकास पर जनसुनवाई

स्पेशल ओलंपिक्स यूनिफाइड बास्केटबॉल 3x3 वर्ल्ड कप भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स हुए लामबंद

सांगानेर में सरकार की संवेदनहीनता से 87 कॉलोनियों पर संकट

कोटद्वार के चिल्लरखाल रोड निर्माण समस्या को लेकर 230 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर दिल्ली पंहुचा पत्रकार

IFWJ के पत्रकारों का सिस्टम के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना

पेंशनर सोसाइटी ने पेंशनर्स समस्या हल करने हेतु राज्यपाल से लगाई गुहार