छात्र आंदोलन जयपुर तक पहुंचा रात तक जुटे प्रदर्शनकारी
० आशा पटेल ०
जयपुर | पेपरलीक के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर में चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब जयपुर में भी तेजी से सुनाई दी। दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जयपुर के पत्रिका गेट पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। हाथों में संविधान की प्रतियां और तख्तियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपरलीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, देश के लाखों युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है। उन्होंने कहा कि लगातार पेपरलीक और परीक्षा संबंधी विवादों से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय हो।
जयपुर | पेपरलीक के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर में चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब जयपुर में भी तेजी से सुनाई दी। दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जयपुर के पत्रिका गेट पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। हाथों में संविधान की प्रतियां और तख्तियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपरलीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, देश के लाखों युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है। उन्होंने कहा कि लगातार पेपरलीक और परीक्षा संबंधी विवादों से अभ्यर्थियों का भरोसा कमजोर हुआ है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय हो।
इस प्रदर्शन में छात्राओं ने भी भारी मात्रा में शिरकत की उन्होंने कहा कि उनके भाई का मेडिकल कॉलेज का सपना परीक्षा विवाद से प्रभावित हुआ है। वहीं 12वीं पास छात्रा ने कहा कि आज जो दूसरी छात्राओं के साथ हुआ है, वह कल किसी और के साथ हो सकता है, इसलिए निष्पक्ष परीक्षा जरूरी है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुई पुलिस ज्यादती से नाराजगी राजस्थान विश्वविद्यालय तक पहुंच गई। विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी कुलसचिव कार्यालय के बाहर धरना देकर छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया।
अनशन शुरू होते ही विश्वविद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हो गए और प्रशासन व सरकार के खिलाफ छात्रों ने कहा कि जंतर मंतर पर छात्रों और छात्राओं के साथ हुई कार्रवाई पूरे छात्र समाज के सम्मान पर हमला है। उन्होंने को कहा कि जब तक पीड़ित छात्रों को न्याय नहीं मिलता और दोशियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन अनशन जारी रहेगा।
राजस्थान विवि सहायक कर्मचारी संध के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद मुस्ताफा के नेतृत्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कुलसचिव कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रोफेसर ओम महला धरना स्थल पर मौजूद रहे और आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताई। अभिभावकों ने कहा कि जब परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं तो केवल छात्र ही नहीं, पूरा परिवार प्रभावित होता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रामसिंह सामोता, प्रो. सीबी यादव, प्रो. मनीष, प्रो. विशाल सहित शिक्षक, शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे।
राजस्थान विवि सहायक कर्मचारी संध के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद मुस्ताफा के नेतृत्व में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कुलसचिव कार्यालय के बाहर धरना दिया। प्रोफेसर ओम महला धरना स्थल पर मौजूद रहे और आंदोलनकारियों के साथ एकजुटता जताई। अभिभावकों ने कहा कि जब परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं तो केवल छात्र ही नहीं, पूरा परिवार प्रभावित होता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रामसिंह सामोता, प्रो. सीबी यादव, प्रो. मनीष, प्रो. विशाल सहित शिक्षक, शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे।
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