भूटान के प्रथम जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार से सम्मानित होंगे बेस्टसेलिंग लेखक अश्विन सांघी

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली : भारत के प्रतिष्ठित और लोकप्रिय बेस्टसेलिंग लेखकों में शुमार अश्विन सांघी को भूटान के द्रुक्युल्स लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल द्वारा स्थापित जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार का प्रथम सम्मान प्राप्त करने के लिए चुना गया है। उन्हें इस वर्ष "द आर्ट ऑफ बीइंग ह्यूमन" विषय पर आयोजित महोत्सव के 15वें संस्करण में इस प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2025 में भूटान के चौथे नरेश जिग्मे सिंग्ये वांगचुक की 70वीं जयंती के उपलक्ष्य में की गई थी। इस पहल का उद्देश्य रचनात्मकता, संस्कृति और विचारों की उस शक्ति का सम्मान करना है, जो साझा मानवीय अनुभव को समृद्ध बनाती है।
इस पुरस्कार का पहला सम्मान द्रुक्युल्स लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल, जिसे 'भूटान इकोज़' के नाम से भी जाना जाता है, के दौरान प्रदान किया जाएगा। साहित्य, संस्कृति और कला का यह वार्षिक अंतरराष्ट्रीय महोत्सव भूटान की राजधानी थिम्फू में 1 से 3 अगस्त, 2026 तक आयोजित होगा।
जेएसडब्ल्यू पुरस्कारों की शुरुआत फिलहाल साहित्य और कला के क्षेत्र से की जा रही है, लेकिन आयोजकों का कहना है कि भविष्य में इस पहल का दायरा और व्यापक किया जा सकता है। समय के साथ इन पुरस्कारों के माध्यम से दुनिया भर के उन असाधारण व्यक्तित्वों को भी सम्मानित किया जा सकेगा, जिन्होंने अपने आजीवन योगदान या उत्कृष्ट रचनात्मक कार्यों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
अश्विन सांघी ने इस पुरस्कार के लिए चुने जाने पर कहा, "भूटान की महारानी माता ग्यालुम दोर्जी वांगमो वांगचुक, जिनके प्रति मेरे मन में गहरा सम्मान है, उनके हाथों पहला जेएसडब्ल्यू साहित्य पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। मेरे समूचे साहित्यिक जीवन का आधार इस विश्वास पर टिका है कि लोकप्रिय कथा-साहित्य बौद्धिक रूप से समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से गहराई से जुड़ा हो सकता है, बिना कहानी कहने के आनंद से कोई समझौता किए। इस विश्वास को भूटान जैसे देश में मान्यता मिलना, जिसने हमेशा मेरे हृदय में विशेष स्थान बनाया है। यह मेरे लिए अत्यंत सार्थक और भावुक करने वाला अनुभव है।

द्रुक्युल्स लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल की संस्थापक महारानी माता ग्यालुम दोर्जी वांगमो वांगचुक ने कहा, "अश्विन सांघी ने अपनी उल्लेखनीय साहित्यिक कृतियों के माध्यम से इतिहास, पौराणिक परंपराओं, संस्कृति और समकालीन विचारों को एक साथ जोड़ते हुए जटिल विषयों को दुनिया भर के पाठकों के लिए सहज और रोचक बनाया है। 

प्राचीन और आधुनिक दृष्टिकोणों के बीच सेतु बनाने तथा गहन शोध को प्रभावशाली कथा-कला के साथ प्रस्तुत करने की उनकी अद्वितीय क्षमता उन्हें इस पुरस्कार का पहला प्राप्तकर्ता बनने के लिए पूर्णतः उपयुक्त बनाती है। यह पुरस्कार साहित्य की शाश्वत शक्ति और उसके स्थायी महत्व का सम्मान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

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