आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयन्ती धूमधाम से मनाई
० आशा पटेल
जयपुर, जयपुर के बापूनगर युनीवर्सिटी रोड स्थित विनोबा ज्ञान मंदिर के सभागार में विनोबा भावे की 131वीं जयन्ती विनोबा ज्ञान मंदिर एवं राजस्थान समग्र सेवा संघ के संयुक्त तत्वावधान में उत्साहपूर्वक मनाई गई। शशांक ने सर्वधर्म प्रार्थना का सभागार में उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सामूहिक पाठ करवाया |इस अवसर पर विनोबा ज्ञान मंदिर के मंत्री डॉ. अवध प्रसाद ने विनोबा जी के जीवन को समझाते हुए कहा कि विनोबा संत एवं क्रांतिकारी दोनों थे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में धुलिया जेल में ध्यानस्थ होकर गीता की व्याख्या की जिसे बाद में "गीता प्रवचन" के रूप में प्रकाशित किया गया । उन्होंने प्रथम योजना आयोग के निमंत्रण पर पवनार (वर्धा) से दिल्ली तक पदयात्रा की, यात्रा के बीच में गरीबों को खेती के लिए दान में जमीन मिली।
इसी "दान" को भूदान-ग्रामदान के रूप में ऐतिहासिक एवं वैचारिक आन्दोलन माना जाता है। डॉ. अवध प्रसाद ने विनोबा जी द्वारा किये गये प्रयोगों की जानकारी दी। इस अवसर पर राजस्थान समग्र सेवा संघ के अध्यक्ष सवाई सिंह ने देश में, खास कर राजस्थान में भूदान आन्दोलन की जानकारी देते हुए बताया कि बीकानेर के छतरगढ़ क्षेत्र में जो जमीन दान में मिली उसमें आज भी सैकड़ों किसान उन्नत खेती कर रहे हैं।
इसी प्रकार ग्रामदानी गांव में स्वामित्व विसर्जन, ग्रामसभा के अधिकार तथा गांव में भाईचारा विकसित हुआ जो इसे ऐतिहासिक प्रयोग के रूप में आगे जा कर गाँव -गाँव धानी- धानी में भूदान आन्दोलन के रूप में बहुत सफल प्रयोग साबित हुआ । सवाई सिंह ने गांवों में जाकर जो देखा उसे रूचिकर ढंग से प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर पूर्व आरएएस अधिकारी एन.के. खींचा ने कहा कि मैंने बचपन से विनोबा के जीवन एवं कार्य प्रणाली को समझा और आज भी उसका पालन करने का प्रयास कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैने महाराष्ट्र स्थित पवनार आश्रम में रहकर विनोबा एवं अन्य वरिष्ठजनों के जीवन को देखा-समझा जिसने मेरे जीवन को प्रभावित किया | इसी उद्देश्य को मानकर आज भी कार्य कर रहा हूँ। इस अवसर पर जयपुर के अनेक व्यक्तियों ने विनोबा जी के जन्म दिन पर उन्हें नमन किया।
सभा के संभागियों में धरमवीर कटेवा, आशा पटेल , राजेन्द्र कुम्भज ,अनिल जैन , एडवोकेट उमेश शर्मा ,आदि ने विनोबा जी की मूर्ति को नमन किया। कार्यक्रम का संयोजन विनोबा ज्ञान मंदिर की ओर से डॉ. अमित कुमार ने किया। उन्होंने वाणी मंदिर के मंत्री के नाते विनोबा साहित्य पढ़ने के लिए अनुरोध किया।
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