पुस्तक ‘संघर्ष : सड़कों से सलाखों तक’ का लोकार्पण
० आशा पटेल ०
जयपुर : स्वतंत्रता सेनानी स्व. रघुवर दयाल चतुर्वेदी के जेल अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष: सड़कों से सलाखों तक’ का लोकार्पण नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंक सिटी प्रेस क्लब में किया गया। इस अवसर पर ‘भारतीय युवा एवं पूर्ण स्वराज’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ, जिसमें देश के प्रतिष्ठित विचारकों और राजनेताओं ने अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में गांधी शांति प्रतिष्ठान दिल्ली के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, आदर्श नगर विधायक रफीक खान, शिक्षाविद मृदुला सामवेदी, गांधीवादी शिक्षाविद बीएम शर्मा और वक्ता दीपक राय सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों को याद करते हुए आज की युवा पीढ़ी के लिए 'पूर्ण स्वराज' के संदेश पर चर्चा की।
कुमार प्रशांत ने कहा कि महात्मा गांधी का तरीका हमेशा से झूठ का मुकाबला करने का रहा है। आज की 'जेन जी' पीढ़ी में गांधीवादी विचार प्रवेश कर रहे हैं, जिसका जीवंत उदाहरण हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के समय गांधी जी ने लोकतंत्र की असली ताकत आम लोगों के हाथों में सौंपी थी, जो आज के युवाओं में भी दिखाई देती है।
दीपक राय ने कहा कि इतिहास केवल तिथियों या घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है। गांधी के विचार आज पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं और यह पुस्तक हमारी ऐतिहासिक स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने का काम करती है।
जयपुर : स्वतंत्रता सेनानी स्व. रघुवर दयाल चतुर्वेदी के जेल अनुभवों पर आधारित पुस्तक ‘संघर्ष: सड़कों से सलाखों तक’ का लोकार्पण नारायण सिंह सर्किल स्थित पिंक सिटी प्रेस क्लब में किया गया। इस अवसर पर ‘भारतीय युवा एवं पूर्ण स्वराज’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन भी हुआ, जिसमें देश के प्रतिष्ठित विचारकों और राजनेताओं ने अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में गांधी शांति प्रतिष्ठान दिल्ली के अध्यक्ष कुमार प्रशांत, आदर्श नगर विधायक रफीक खान, शिक्षाविद मृदुला सामवेदी, गांधीवादी शिक्षाविद बीएम शर्मा और वक्ता दीपक राय सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों को याद करते हुए आज की युवा पीढ़ी के लिए 'पूर्ण स्वराज' के संदेश पर चर्चा की।
कुमार प्रशांत ने कहा कि महात्मा गांधी का तरीका हमेशा से झूठ का मुकाबला करने का रहा है। आज की 'जेन जी' पीढ़ी में गांधीवादी विचार प्रवेश कर रहे हैं, जिसका जीवंत उदाहरण हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के समय गांधी जी ने लोकतंत्र की असली ताकत आम लोगों के हाथों में सौंपी थी, जो आज के युवाओं में भी दिखाई देती है।
दीपक राय ने कहा कि इतिहास केवल तिथियों या घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है। गांधी के विचार आज पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं और यह पुस्तक हमारी ऐतिहासिक स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने का काम करती है।
विधायक रफीक खान ने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अविकसित भारत को विकास के पथ पर अग्रसर किया। वर्तमान परिदृश्य पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जेन जी आंदोलनों में हर युवा का नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरना यह साबित करता है कि देश के युवा सजग हैं और देश सुरक्षित हाथों में है।
कलमकार मंच द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक की संपादक सुनीता चतुर्वेदी ने बताया कि यह पुस्तक उनके पिता के संस्मरणों पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और देश की आजादी में उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया गया है। कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय सचिव प्रेमचन्द गांधी ने किया। कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने अतिथियों को पुस्तकों का सेट भेंट कर उनका स्वागत किया।
कलमकार मंच द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक की संपादक सुनीता चतुर्वेदी ने बताया कि यह पुस्तक उनके पिता के संस्मरणों पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस और देश की आजादी में उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित किया गया है। कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील लेखक संघ के राष्ट्रीय सचिव प्रेमचन्द गांधी ने किया। कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने अतिथियों को पुस्तकों का सेट भेंट कर उनका स्वागत किया।
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