बनारस के मानमंदिर के 44 मकानों पर राजस्थान सरकार ने ठोका अपना दावा
० सुुरेश प्रताप ०
बनारस । राजस्थान की भाजपा सरकार अब रियासतों की दूसरे प्रदेशों में स्थित अपनी जमीनों पर दावा कर रही है. इसी क्रम में राजा जयसिंह द्वारा बनाए गए बनारस में आरपी घाट पर स्थित जंतर-मंतर के आसपास के भवनों पर अब दावा ठोंक दिया है. राजस्थान सरकार ने बनारस में आरपी घाट स्थित ऐतिहासिक "जंतर-मंतर" भवन के आसपास स्थित 44 मकानों पर यूपी सरकार से मालिकाना हक मांगा है. मानमंदिर घाट के ऊपर जंतर-मंतर है.इसका सीधा अर्थ यह है कि अब मानमंदिर घाट के आसपास के भवनों को भी दालमंडी की तरह जमींदोज करके नया निर्माण होगा. जबकि इस क्षेत्र में बहुत से मकानों में रोजगार चलता है. दुकान, रेस्टोरेंट और होटल भी है. राजस्थान सरकार की चिट्ठी पर जिला प्रशासन ने कार्यवाही भी शुरू कर दी है।बनारस में पहले काॅरिडोर बनाने के लिए लाहौरी टोला को जमींदोज किया गया. इसमें दो ऐतिहासिक पुस्तकालय थे- कारमाइकिल लाइब्रेरी और गोयनका पुस्तकालय, उसे भी जमींदोज कर दिया गया. जहां कारमाइकिल लाइब्रेरी थी उसके मलबे पर वहां यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद बहुचर्चित महिला नीरा राडिया के अस्पताल का उद्घाटन किया था.
बनारस । राजस्थान की भाजपा सरकार अब रियासतों की दूसरे प्रदेशों में स्थित अपनी जमीनों पर दावा कर रही है. इसी क्रम में राजा जयसिंह द्वारा बनाए गए बनारस में आरपी घाट पर स्थित जंतर-मंतर के आसपास के भवनों पर अब दावा ठोंक दिया है. राजस्थान सरकार ने बनारस में आरपी घाट स्थित ऐतिहासिक "जंतर-मंतर" भवन के आसपास स्थित 44 मकानों पर यूपी सरकार से मालिकाना हक मांगा है. मानमंदिर घाट के ऊपर जंतर-मंतर है.इसका सीधा अर्थ यह है कि अब मानमंदिर घाट के आसपास के भवनों को भी दालमंडी की तरह जमींदोज करके नया निर्माण होगा. जबकि इस क्षेत्र में बहुत से मकानों में रोजगार चलता है. दुकान, रेस्टोरेंट और होटल भी है. राजस्थान सरकार की चिट्ठी पर जिला प्रशासन ने कार्यवाही भी शुरू कर दी है।बनारस में पहले काॅरिडोर बनाने के लिए लाहौरी टोला को जमींदोज किया गया. इसमें दो ऐतिहासिक पुस्तकालय थे- कारमाइकिल लाइब्रेरी और गोयनका पुस्तकालय, उसे भी जमींदोज कर दिया गया. जहां कारमाइकिल लाइब्रेरी थी उसके मलबे पर वहां यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद बहुचर्चित महिला नीरा राडिया के अस्पताल का उद्घाटन किया था.
अब अस्पताल को भी तोड़कर वहां पुलिस बूथ बना दिया गया है. गोयनका पुस्तकालय की जमीन के पास अब उडप्पी रेस्टोरेंट खुल गया है. समझे यह काशी के विकास की झलक है. दरअसल राजा जयसिंह ने दिल्ली, उज्जैन और बनारस में जंतर-मंतर बनवाया था जिसमें सूर्य और रात में चांद की रोशनी से समय व ग्रहों की जानकारी ली जाती थी. आज भी वे सुरक्षित हैं.
टिप्पणियाँ
काशी में बहुत से मंदिर राजस्थान देवस्थान बोर्ड के हैं। उन मंदिरों और उसकी संपत्ति पर बोर्ड यानी राजस्थान सरकार का मालिकाना हक़ है। काशी विश्वनाथ मंदिर के ठीक सामने स्थित आदिविश्वेश्वर और सौभाग्य गौरी का देवस्थान भी बोर्ड का है।
राजस्थान के अलावा सिंधिया परिवार के भी काशी में बहुत से मंदिर और सम्पत्ति हैं।
रही बात उडुपी रेस्तरां की तो वो सिर्फ नाम का
उडुपी है बाकी वो गुजरात के लोगों का है।
🙏🌹🙏