TAVI और Leadless Pacemaker से बदल रहा है हृदय रोगों का इलाज : नारायणा हॉस्पिटल
० आशा पटेल ०
जयपुर। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने दिल के इलाज की आधुनिक तकनीकों खासकर TAVI और Leadless Pacemaker के सफल नतीजों के बारे में जानकारी दी। होटल फोर पॉइंट्स बाय शेरटन में डॉ. अंशु काबरा, एडिशनल डायरेक्टर - कार्डियोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर, ने बताया कि ये नई तकनीकें दिल के मरीजों, खासतौर पर बुजुर्गों के लिए कितनी फायदेमंद साबित हो रही हैं।डॉ.अंशु काबरा ने बताया कि पुरानी ओपन-हार्ट सर्जरी के मुकाबले TAVI और बिना तार वाले पेसमेकर से इलाज में खतरा बहुत कम रहता है। इसमें बड़ा चीरा नहीं लगाना पड़ता, खून का बहाव नाममात्र होता है और मरीज बहुत जल्दी ठीक होकर अपनी सामान्य जिंदगी में लौट आता है। इस मौके पर वे मरीज भी मीडिया से मिले जिनका इस आधुनिक तरीके से सफल इलाज हुआ है। मरीजों ने बताया कि बिना किसी बड़े ऑपरेशन या परेशानी के उन्हें कैसे नया जीवन मिला।बलविंदर सिंह वालिया, डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर और मुम्बई ने कहा नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में हमारा ध्यान मरीजों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर उपचार अनुभव को प्राथमिकता देते हुए एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने पर है। लीडलेस पेसमेकर तकनीक एक महत्वपूर्ण प्रगति है, खासकर ऐसे मरीजों के लिए जिनके लिए कम इनवेसिव प्रक्रिया अधिक उपयुक्त हो सकती है। इस तरह की आधुनिक तकनीक मरीजों को एक ही जगह पर एडवांस्ड कार्डियक केयर उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
डॉ. प्रदीप कुमार गोयल, क्लिनिकल डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा कई स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों में किसी भी कार्डियक प्रक्रिया से पहले सावधानीपूर्वक जांच और अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होता है। इस मामले में भी इलाज की योजना बनाते समय मरीज की पूरी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखा गया। ऐसी कम इनवेसिव तकनीकें जटिल मामलों में विशेष रूप से उपयोगी हो सकती हैं, क्योंकि इससे मेडिकल टीम मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार का तरीका तय कर सकती है।
डॉक्टर ने कहा कि नई तकनीकों की मदद से अब दिल की गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज भी आसान और सुरक्षित हो गया है। नारायणा हॉस्पिटल की पूरी कोशिश है कि हर व्यक्ति तक दिल के इलाज की सबसे बेहतरीन और आधुनिक सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
जयपुर। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने दिल के इलाज की आधुनिक तकनीकों खासकर TAVI और Leadless Pacemaker के सफल नतीजों के बारे में जानकारी दी। होटल फोर पॉइंट्स बाय शेरटन में डॉ. अंशु काबरा, एडिशनल डायरेक्टर - कार्डियोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर, ने बताया कि ये नई तकनीकें दिल के मरीजों, खासतौर पर बुजुर्गों के लिए कितनी फायदेमंद साबित हो रही हैं।डॉ.अंशु काबरा ने बताया कि पुरानी ओपन-हार्ट सर्जरी के मुकाबले TAVI और बिना तार वाले पेसमेकर से इलाज में खतरा बहुत कम रहता है। इसमें बड़ा चीरा नहीं लगाना पड़ता, खून का बहाव नाममात्र होता है और मरीज बहुत जल्दी ठीक होकर अपनी सामान्य जिंदगी में लौट आता है। इस मौके पर वे मरीज भी मीडिया से मिले जिनका इस आधुनिक तरीके से सफल इलाज हुआ है। मरीजों ने बताया कि बिना किसी बड़े ऑपरेशन या परेशानी के उन्हें कैसे नया जीवन मिला।बलविंदर सिंह वालिया, डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर और मुम्बई ने कहा नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में हमारा ध्यान मरीजों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर उपचार अनुभव को प्राथमिकता देते हुए एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराने पर है। लीडलेस पेसमेकर तकनीक एक महत्वपूर्ण प्रगति है, खासकर ऐसे मरीजों के लिए जिनके लिए कम इनवेसिव प्रक्रिया अधिक उपयुक्त हो सकती है। इस तरह की आधुनिक तकनीक मरीजों को एक ही जगह पर एडवांस्ड कार्डियक केयर उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
डॉ. प्रदीप कुमार गोयल, क्लिनिकल डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा कई स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों में किसी भी कार्डियक प्रक्रिया से पहले सावधानीपूर्वक जांच और अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होता है। इस मामले में भी इलाज की योजना बनाते समय मरीज की पूरी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखा गया। ऐसी कम इनवेसिव तकनीकें जटिल मामलों में विशेष रूप से उपयोगी हो सकती हैं, क्योंकि इससे मेडिकल टीम मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार का तरीका तय कर सकती है।
डॉक्टर ने कहा कि नई तकनीकों की मदद से अब दिल की गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज भी आसान और सुरक्षित हो गया है। नारायणा हॉस्पिटल की पूरी कोशिश है कि हर व्यक्ति तक दिल के इलाज की सबसे बेहतरीन और आधुनिक सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
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