कांग्रेस तथा कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर दबाव बनाकर भाजपा खेमे में शामिल करने का प्रयास

० संवाददाता द्वारा ० 
जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव सम्पन्न होने के पश्चात से ही भाजपा सत्ता और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर पुलिस प्रशासन के माध्यम से कांग्रेस तथा कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर लगातार दबाव बनाकर भाजपा के खेमे में शामिल करने का प्रयास कर रही है। टोंक जिले की दूनी निकाय में कांग्रेस के चेयरमेन उम्मीदवार दलित महिला अर्चना बडग़ूजर को पुलिस प्रशासन द्वारा ले जाया गया और उनके परिजन न्याय मांगने हेतु जयपुर पहुॅंचे। झुन्झुनूं जिले के मण्डावा में कांग्रेस पार्षदों के इक_ा होने के स्थान पर जबरन पुलिस ने रेड डाली और पार्षदों पर दबाव बनाने का प्रयास किया।
इसी प्रकार मण्डावर में पार्षद के परिजन को पुलिस द्वारा ले जाने पर विधायक ललित यादव ने धरना दिया, अलवर में इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जानकारी दी और अपना विरोध दर्ज कराया। इसी प्रकार सीकर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता गठाला के निवास पर भी पुलिस ने पहुंचकर दबाव बनाने का कार्य किया, यही कार्य करौली और सपोटरा विधानसभा क्षेत्र के पार्षदों पर भी पुलिस प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताते हुए भाजपा द्वारा जो सरकारी मशीनरी और पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है उसका विरोध करने का निर्णय लिया है। डोटासरा ने सभी कांग्रेस जिला कमेटियों को निर्देशित किया है कि 18 सितम्बर को जिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमण्डल जिले के पुलिस अधीक्षक को पुलिस प्रशासन द्वारा नगर निकाय चुनाव हेतु किये जा रहे विधि विरुद्ध हस्तक्षेप को रोकने के लिए और इसकी निंदा करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत करे।

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