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सितंबर 29, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 'मार्की बेस्ट ऑफ द बेस्ट अवार्ड' से सम्मानित

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० संवाददाता द्वारा ०  मुंबई : उभरते बाजारों की एफएमसीजी कंपनी, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) को 190 साल पुराने बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित बॉम्बे चैंबर इनक्लूजन अवार्ड्स 2026 में सम्मानित किया गया। कंपनी को विविधता, समानता, समावेशिता और अपनेपन (DEIB) के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए 'मार्की बेस्ट ऑफ द बेस्ट अवार्ड' से नवाजा गया। इसके साथ ही, कंपनी को कंज्यूमर और लाइफ साइंसेज सेक्टर में 'फर्स्ट रनर-अप' भी घोषित किया गया। गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की 'आरंभ' (Aarambh), 'गोल' (GOAL) और 'बेरसियाप' (Bersiap) जैसी पहलों के साथ समावेशी भर्ती प्रक्रियाओं ने मैन्युफैक्चरिंग, सेल्स और कॉर्पोरेट टीमों में विविधता लाने में मदद की है। इससे विभिन्न पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली लोगों को संगठन के भीतर आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिले हैं।  गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) के ग्लोबल एचआर हेड वैभव राम ने कहा, “हमें ‘मार्की’ श्रेणी में शामिल किए जाने पर खुशी है। इस श्रेणी में उन संगठनों को मान्यता दी जात...

ज्ञान भारतम मिशन के तहत 23 लाख पांडुलिपियों का सर्वे, 1.24 लाख डिजिटाइज्ड

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० आशा पटेल ०  जयपुर। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित "ज्ञान भारतम मिशन" के तहत राजस्थान राज्य में "पाण्डुलिपि डिजिटलीकरण कार्यशाला" का आयोजन जयपुर के झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन तथा कला एवं संस्कृति मंत्री दिया कुमारी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि पांडुलिपियां केवल पुराने कागज या ग्रन्थ नहीं हैं, ये भारत के हजारों वर्षों के साहित्य, परम्परा, इतिहास और दर्शन की धरोहर हैं। इनमें हमारे पूर्वजों के अनुभव, शोध और ज्ञान का भण्डार सुरक्षित है। एक पाण्डुलिपि केवल अतीत की कहानी नहीं कहती, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए नए मार्ग खोलती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में "ज्ञान भारतम मिशन" इसी संकल्प को नई तकनीक से जोड़ रहा है। मोदी जी का विजन है कि हमारा प्राचीन ज्ञान अलमारियों में बंद न रहे, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दुनिया तक पहुंचे और विकसित भारत की शक्ति बने। प...

देश में हो रही वोट चोरी और निर्वाचन आयोग में अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस द्वारा धरना-प्रदर्शन

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० संवाददाता द्वारा ०  जयपुर। देश में हो रही वोट चोरी और निर्वाचन आयोग में हुई अनियमितताओं तथा राजस्थान के निकाय चुनावों में भाजपा द्वारा की गई बेईमानी के विरोध में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस द्वारा जयपुर के शहीद स्मारक पर विशाल धरना-प्रदर्शन कर राज्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के घेराव के लिये हजारों कार्यकर्ताओं ने विशाल मार्च निकालकर गिरफ्तारी दी। विरोध-प्रदर्शन में एआईसीसी के राजस्थान प्रभारी सुखजिन्दर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, एआईसीसी सहसचिव पूनम पासवान एवं रित्विक मकवाना, कांग्रेस विधायक, सांसद, विधायक प्रत्याशी, सांसद प्रत्याशी, जिलाध्यक्ष, पीसीसी पदाधिकारी सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुये। इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि आज कांग्रेस पार्टी देश में लोकतंत्र बचाने के लिये जन आन्दोलन कर रही है क्योंकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में जो नागरिकों वोट का अधिकार दिया है उससे सरकारें बनती ...

"मन के मनके" माहिया संग्रह में कहीं उलाहना कहीं कटाक्ष और कहीं श्रृंगार को पिरोया है

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० सतेन्द्र धारीवाल 'धारी' ०  अमरोहा, उत्तर प्रदेश : "मन के मनके" एक ऐसा साझा संग्रह जिसमें 61 रचनाकारों ने अपने मनोभावों की अभिव्यक्ति को माहिया छंद के रूप में व्यक्त किया सभी रचनाकारों का प्रयास अतुल्यनीय रहा। इस संग्रह की संपादिका डॉ. संतोष कुमारी संप्रीती ने निश्चित रूप से गहन निष्ठा और लगन के साथ इस संग्रह को संपादित किया।  वह पूरी निष्ठा के साथ अपने इस संकल्पित कार्य में लगी रहीं और अंततः इसे पूरा किया। संतोष संप्रीती स्वयं साहित्यकार के रूप में बड़ा नाम है जो लगभग हर विधा में अपनी लेखनी को अनवरत चलाती रहती हैं। जहां तक रचनाकारों का प्रश्न आता है तो सभी रचनाकारों ने अपनी अहम् भूमिका निभाई और लेखन में पूरी निष्ठा के साथ लगे रहे और अपना श्रेष्ठ देने का प्रयास किया।  सभी रचनाकारों ने अलग-अलग विषयों पर माहिया छंद लिखे इस माहिया संग्रह को संग्रहित करने में संतोष संप्रीती जी का अहम् योगदान रहा है  मैंने सभी रचनाकारों के माहिया छंदों को, एक-एक शब्द को, एक-एक अक्षर को और उनके भावों को पढ़ा है। इसके साथ ही छंदों में मात्राओं के भार को भी सही करने में अपना अथक प्रयास...