जयपुर में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित होगा छठा राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट

० आशा पटेल ० 
जयपुर। आज के पर्यटक केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण नहीं, बल्कि यादगार और गहन अनुभवों की तलाश करते हैं। ऐसे में राजस्थान को निजी क्षेत्र के हितधारकों के साथ मजबूत सहयोग के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले और इमर्सिव पर्यटन अनुभव विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और वन्यजीव, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने वाले प्रचार अभियानों के साथ राज्य पर्यटन को आर्थिक विकास के प्रमुख माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
साथ ही, पर्यटकों को प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के साथ-साथ कम प्रसिद्ध और नए पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। यह बात पर्यटन सचिव, राजस्थान सरकार, शुचि त्यागी ने जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) के छठे संस्करण और प्रथम मारवाड़ ट्रैवल मार्ट, जोधपुर के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
उन्होंने कहा कि पर्यटन राजस्थान की सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, आजीविका और नए व्यवसाय के अवसर पैदा होते हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन के सतत विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
इस अवसर पर राजस्थान टूरिज्म विभाग और एफएचटीआर के बीच मार्ट्स को लेकर एमओयू हस्ताक्षर समारोह भी आयोजित हुआ। जिसके पश्चात, आरडीटीएम और एमटीएम के पोस्टर लॉन्च किए गए। कार्यक्रम का आयोजन फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) द्वारा राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि, राजस्थान सरकार की पर्यटन आयुक्त, रुक्मणी रियार ने कहा कि "वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में कुछ कमी आ सकती है। ऐसे में यह ट्रैवल मार्ट्स घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जोधपुर के बाद अगला ट्रैवल मार्ट उदयपुर में आयोजित किया जाएगा।

 उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग और राजस्थान सरकार ट्रैवल मार्ट्स के माध्यम से शेखावाटी की फ्रेस्को कला और होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन नीति पर कार्य कर रहे हैं। पर्यटन आयुक्त ने बताया कि आरडीटीएम में पिछले वर्ष 20 हजार से अधिक बी-टू-बी बैठकें आयोजित हुई थीं, जबकि इस वर्ष 25 हजार से अधिक बैठकों की उम्मीद है।

 फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) के अध्यक्ष, सुरेंद्र सिंह शाहपुरा ने कहा कि राजस्थान के पर्यटन को केवल पारंपरिक दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखते हुए, राज्य के जीवंत मेलों और त्योहारों को भी ट्रैवल एजेंट्स की यात्रा योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए। 

इससे पर्यटकों को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने राजस्थान की पोलो विरासत को अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि अब राज्य में पोलो सीजन लगभग पांच महीने तक चलता है। उन्होंने पारंपरिक गोल्डन ट्रायंगल सर्किट से आगे बढ़कर राजस्थान के टियर-2 और टियर-3 शहरों तथा कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी अधिक बढ़ावा देने की बात कही।

  उन्होंने बताया कि राजस्थान के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शनों में शामिल बांदीकुई को ‘रेलवे हेरिटेज सिटी’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इससे पूर्व, फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) के सेक्रेटरी जनरल तरुण कुमार बंसल ने कार्यक्रमों के विजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि “छठा राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (आरडीटीएम) 17 से 19 सितंबर तक जयपुर में आयोजित किया जाएगा।

 इसमें देशभर के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े 300 से अधिक हितधारक शामिल होंगे। वहीं, 20 से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर में पहले मारवाड़ ट्रैवल मार्ट का आयोजन होगा। इस आयोजन में देशभर के पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र से जुड़े करीब 125 हितधारकों के भागीदारी की उम्मीद है। इस वर्ष की थीम 'स्टोरीज, जर्नी , स्माइल्स' रखी गई है।

इस अवसर पर जारा के अध्यक्ष एवं मारवाड़ ट्रैवल मार्ट के चेयरमैन जे. एम. बूब ने मारवाड़ ट्रैवल मार्ट पर प्रकाश डालते हुए कहा, “इस मार्ट के माध्यम से मारवाड़ क्षेत्र के विभिन्न पर्यटन गंतव्यों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। मारवाड़ अपने वन्यजीव, हस्तशिल्प, समृद्ध संस्कृति, लोक संगीत और अन्य विशिष्ट पर्यटन आकर्षणों के लिए प्रसिद्ध है।

 हमारा उद्देश्य मारवाड़ की अनूठी पहचान को अधिक से अधिक पर्यटकों तक पहुंचाना और क्षेत्र में पर्यटन को नई गति देना है। कार्यक्रम के अंत में फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (एफएचटीआर) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र पचार ने आभार जताया।

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