एमआईटी एडीटी के अंग्रेजी शिक्षा मॉडल का कैम्ब्रिज ने किया अध्ययन 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण
० योगेश भट्ट ०
पुणे : अंग्रेजी भाषा में दक्षता बढ़ाने के लिए पिछले चार वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर कैम्ब्रिज लिंग्वास्किल प्रमाणपत्र दिलाने की पहल के लिए एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी (एडीटी) विश्वविद्यालय के कार्य का चार वर्षों का प्रभाव अध्ययन (Impact Study) कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, यूके ने प्रकाशित किया। इस अध्ययन के प्रकाशन के साथ ही लिंग्वास्किल प्रमाणपत्र वितरण समारोह यूनिवर्सिटी के प्रयाग सभागृह में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोडक्ट मैनेजर इयान कॉवली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेश एस., प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. सायली गणारकर, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के साउथ एशिया विभाग की प्रमुख डॉ. संगीता मेहता, कैम्ब्रिज परीक्षा केंद्र के प्रबंधक डॉ. अतुल पाटील तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ज्ञानदेव नीलवर्ण मंच पर उपस्थित थे।
एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के अधिकृत कैम्ब्रिज सेंटर के माध्यम से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण और मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। इसी के तहत ‘कैम्ब्रिज इंग्लिश असेसमेंट के माध्यम से रोजगारपरक संचार कौशल को मजबूत करना’ शीर्षक से विश्वविद्यालय द्वारा संचालित अंग्रेजी भाषा संबंधी पहल का कैम्ब्रिज की ओर से अध्ययन और मूल्यांकन किया गया।
एमआईटी एडीटी कैम्ब्रिज सेंटर के माध्यम से पिछले चार शैक्षणिक वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अंग्रेजी भाषा दक्षता का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र हासिल किया है। पिछले शैक्षणिक वर्ष में लिंग्वास्किल परीक्षा में शामिल हुए 3,461 विद्यार्थियों में से 378 विद्यार्थियों ने C1 और C2 स्तर की उच्च दक्षता हासिल की।विश्वविद्यालय के अनुसार, इन विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के संचार कौशल के मानदंड हासिल किए हैं।
एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. डॉ. मंगेश कराड की पहल से विद्यार्थियों में वैश्विक रोजगार के लिए आवश्यक संचार कौशल, आत्मविश्वास और भाषाई क्षमता विकसित करने की दिशा में यह पहल उपयोगी साबित हो रही है। कैम्ब्रिज के अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के उद्देश्यों से जोड़ा गया है।
पुणे : अंग्रेजी भाषा में दक्षता बढ़ाने के लिए पिछले चार वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देकर कैम्ब्रिज लिंग्वास्किल प्रमाणपत्र दिलाने की पहल के लिए एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी (एडीटी) विश्वविद्यालय के कार्य का चार वर्षों का प्रभाव अध्ययन (Impact Study) कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, यूके ने प्रकाशित किया। इस अध्ययन के प्रकाशन के साथ ही लिंग्वास्किल प्रमाणपत्र वितरण समारोह यूनिवर्सिटी के प्रयाग सभागृह में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोडक्ट मैनेजर इयान कॉवली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. राजेश एस., प्रोवोस्ट प्रो. डॉ. सायली गणारकर, कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के साउथ एशिया विभाग की प्रमुख डॉ. संगीता मेहता, कैम्ब्रिज परीक्षा केंद्र के प्रबंधक डॉ. अतुल पाटील तथा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. ज्ञानदेव नीलवर्ण मंच पर उपस्थित थे।
एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के अधिकृत कैम्ब्रिज सेंटर के माध्यम से प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण और मूल्यांकन अनिवार्य किया गया है। इसी के तहत ‘कैम्ब्रिज इंग्लिश असेसमेंट के माध्यम से रोजगारपरक संचार कौशल को मजबूत करना’ शीर्षक से विश्वविद्यालय द्वारा संचालित अंग्रेजी भाषा संबंधी पहल का कैम्ब्रिज की ओर से अध्ययन और मूल्यांकन किया गया।
एमआईटी एडीटी कैम्ब्रिज सेंटर के माध्यम से पिछले चार शैक्षणिक वर्षों में 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अंग्रेजी भाषा दक्षता का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र हासिल किया है। पिछले शैक्षणिक वर्ष में लिंग्वास्किल परीक्षा में शामिल हुए 3,461 विद्यार्थियों में से 378 विद्यार्थियों ने C1 और C2 स्तर की उच्च दक्षता हासिल की।विश्वविद्यालय के अनुसार, इन विद्यार्थियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के संचार कौशल के मानदंड हासिल किए हैं।
एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. डॉ. मंगेश कराड की पहल से विद्यार्थियों में वैश्विक रोजगार के लिए आवश्यक संचार कौशल, आत्मविश्वास और भाषाई क्षमता विकसित करने की दिशा में यह पहल उपयोगी साबित हो रही है। कैम्ब्रिज के अध्ययन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा के उद्देश्यों से जोड़ा गया है।
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