इस्लामिक क्विज़ महिला-2026 में इल्म,तरबियत और महिला सुरक्षा का संदेश बूंदी-हिण्डोली के तलबा ने लिया हिस्सा
0 इरफ़ान राही 0
बूंदी,राजस्थान,महिला सुरक्षा संकल्प के तहत आयोजित “ख़्वातीन इस्लामिक क्विज़-2026 एवं एजाज़-ए-इस्लाम तकसीम प्रोग्राम” में बूंदी एवं हिण्डोली क्षेत्र के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में इल्म, तरबियत, अच्छे अख़लाक, बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को शिक्षा एवं ज्ञान से जोड़ने के साथ बेटियों और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा तथा उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना रहा।कार्यक्रम में मेहमान-ए-ख़ुसूसी सैफी मौहम्मद आरिफ़ नागौरी, नेशनल मेम्बर एवं राजस्थान इंचार्ज स्टूडेंट सेवा समिति, शहज़ादी नागौरी, मौहम्मद रफ़ीक चाचा, नायब अमीर, इमरान मिर्ज़ा, सेक्रेटरी, अरशद हुसैन नागौरी, कैशियर एवं अज़हर खान सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नासिर हुसैन नागौरी, अमीर (अध्यक्ष) जमीयत अहले हदीस बूंदी ने की।कार्यक्रम में “महिला सुरक्षा संकल्प” के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को डर के माहौल में नहीं, बल्कि सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलना चाहिए। परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां बेटियां अपने सपनों को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।महिला सुरक्षा संकल्प के तहत बेटियों को जागरूक करने, उन्हें अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी देने, किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर परिवार एवं विश्वसनीय लोगों से संवाद करने और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सम्मान केवल भाषण का विषय नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार और संस्कार का हिस्सा होना चाहिए।
महिला सुरक्षा संकल्प के प्रमुख संदेश बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना। महिलाओं और बेटियों का सम्मान करना। सुरक्षित एवं सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना। बच्चों और युवाओं को अच्छे संस्कार एवं जिम्मेदारी की शिक्षा देना। महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ जागरूकता पैदा करना। जरूरत के समय परिवार, शिक्षकों और जिम्मेदार लोगों से मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
समाज में भाईचारे, सम्मान और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना।
सैफी मौहम्मद आरिफ़ नागौरी ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ इल्म, अख़लाक, तरबियत और सामाजिक जिम्मेदारी की जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की उसकी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा और सोच पर निर्भर करती है। बेटियों को शिक्षित, जागरूक और सुरक्षित बनाना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा की शुरुआत घर से होती है। बच्चों को बचपन से ही महिलाओं और बेटियों का सम्मान करना सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा माहौल बनाया जाए जहां बेटियां अपनी बात खुलकर रख सकें और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक परिवार एवं जिम्मेदार लोगों से मदद ले सकें। सैफी मौहम्मद आरिफ़ नागौरी ने कहा कि क्विज़ जैसे कार्यक्रम बच्चों के अंदर ज्ञान, आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के समाज की दिशा तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि “हमारी कोशिश ऐसी पीढ़ी तैयार करने की होनी चाहिए जो इल्म में आगे हो, अख़लाक में बेहतर हो, महिलाओं का सम्मान करे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे। कार्यक्रम की सदारत कर रहे नासिर हुसैन नागौरी, अमीर जमीयत अहले हदीस बूंदी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी तरबियत और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आज के बच्चे कल के समाज की बुनियाद हैं। उन्हें ऐसा वातावरण देना जरूरी है जहां वे शिक्षा के साथ इंसानियत, भाईचारा, अनुशासन, जिम्मेदारी और महिलाओं के सम्मान को भी समझें।
महिला सुरक्षा संकल्प पर उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल एक कार्यक्रम का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे समाज की रोजमर्रा की सोच और व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और उन्हें सही-गलत की पहचान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए। “एक बेटी शिक्षित होती है तो उसका ज्ञान और संस्कार पूरे परिवार को प्रभावित करते हैं।
नासिर हुसैन नागौरी ने क्विज़ में शामिल विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और ज्ञान बढ़ाने का अवसर देते हैं। शहज़ादी नागौरी ने कहा कि बेटियां समाज की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। इमरान मिर्ज़ा ने कहा कि तलबा देश और समाज का भविष्य हैं। शिक्षा के साथ अनुशासन और अच्छे संस्कार उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अरशद हुसैन नागौरी ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है। अज़हर खान ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ज्ञान हासिल करने की कोई सीमा नहीं है और बच्चों को लगातार सीखने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
मौहम्मद रफ़ीक चाचा ने कहा कि इल्म इंसान की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और अच्छे चरित्र के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
क्विज़ कार्यक्रम में बूंदी और हिण्डोली के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी इस्लामी मालूमात एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को एजाज़-ए-इस्लाम से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि इल्म, तरबियत, महिला सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का संदेश “इल्म से रोशन होगा भविष्य,अच्छे अख़लाक से मजबूत होगा समाज,शिक्षा से सशक्त होंगी बेटियां और जागरूकता से सुरक्षित होगा समाज। कार्यक्रम में बूंदी ,हिण्डोली के पुरुष और महिलाएं ने भाग लिया, शाहबुद्दीन अंसारी,नाजिम हसनोत , अब्दुल वाहिद हस्नोत, शहजाद, समीर बेहलीम, आसिफ़, शौकत,वसीम खत्री,ख्वाजा अनवर,राहिल हसनोत अनीस जलाली , अल्ताफ ,नासिर हसनोत, रशीद अंसारी,वसीम ,इमरान ,मुस्ताक हिण्डोली,,
बूंदी,राजस्थान,महिला सुरक्षा संकल्प के तहत आयोजित “ख़्वातीन इस्लामिक क्विज़-2026 एवं एजाज़-ए-इस्लाम तकसीम प्रोग्राम” में बूंदी एवं हिण्डोली क्षेत्र के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में इल्म, तरबियत, अच्छे अख़लाक, बेटियों की शिक्षा, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को शिक्षा एवं ज्ञान से जोड़ने के साथ बेटियों और महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा तथा उनके अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना रहा।कार्यक्रम में मेहमान-ए-ख़ुसूसी सैफी मौहम्मद आरिफ़ नागौरी, नेशनल मेम्बर एवं राजस्थान इंचार्ज स्टूडेंट सेवा समिति, शहज़ादी नागौरी, मौहम्मद रफ़ीक चाचा, नायब अमीर, इमरान मिर्ज़ा, सेक्रेटरी, अरशद हुसैन नागौरी, कैशियर एवं अज़हर खान सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नासिर हुसैन नागौरी, अमीर (अध्यक्ष) जमीयत अहले हदीस बूंदी ने की।कार्यक्रम में “महिला सुरक्षा संकल्प” के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
वक्ताओं ने कहा कि बेटियों को डर के माहौल में नहीं, बल्कि सुरक्षित, सम्मानजनक और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलना चाहिए। परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां बेटियां अपने सपनों को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।महिला सुरक्षा संकल्प के तहत बेटियों को जागरूक करने, उन्हें अपने अधिकारों एवं जिम्मेदारियों की जानकारी देने, किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर परिवार एवं विश्वसनीय लोगों से संवाद करने और समाज में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि महिला सम्मान केवल भाषण का विषय नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार और संस्कार का हिस्सा होना चाहिए।
महिला सुरक्षा संकल्प के प्रमुख संदेश बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना। महिलाओं और बेटियों का सम्मान करना। सुरक्षित एवं सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना। बच्चों और युवाओं को अच्छे संस्कार एवं जिम्मेदारी की शिक्षा देना। महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार के खिलाफ जागरूकता पैदा करना। जरूरत के समय परिवार, शिक्षकों और जिम्मेदार लोगों से मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
समाज में भाईचारे, सम्मान और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना।
सैफी मौहम्मद आरिफ़ नागौरी ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को आधुनिक शिक्षा के साथ इल्म, अख़लाक, तरबियत और सामाजिक जिम्मेदारी की जानकारी देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की उसकी आने वाली पीढ़ी की शिक्षा और सोच पर निर्भर करती है। बेटियों को शिक्षित, जागरूक और सुरक्षित बनाना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा की शुरुआत घर से होती है। बच्चों को बचपन से ही महिलाओं और बेटियों का सम्मान करना सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा माहौल बनाया जाए जहां बेटियां अपनी बात खुलकर रख सकें और जरूरत पड़ने पर बिना झिझक परिवार एवं जिम्मेदार लोगों से मदद ले सकें। सैफी मौहम्मद आरिफ़ नागौरी ने कहा कि क्विज़ जैसे कार्यक्रम बच्चों के अंदर ज्ञान, आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के समाज की दिशा तय करेंगे।
उन्होंने कहा कि “हमारी कोशिश ऐसी पीढ़ी तैयार करने की होनी चाहिए जो इल्म में आगे हो, अख़लाक में बेहतर हो, महिलाओं का सम्मान करे और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझे। कार्यक्रम की सदारत कर रहे नासिर हुसैन नागौरी, अमीर जमीयत अहले हदीस बूंदी ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी तरबियत और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आज के बच्चे कल के समाज की बुनियाद हैं। उन्हें ऐसा वातावरण देना जरूरी है जहां वे शिक्षा के साथ इंसानियत, भाईचारा, अनुशासन, जिम्मेदारी और महिलाओं के सम्मान को भी समझें।
महिला सुरक्षा संकल्प पर उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा केवल एक कार्यक्रम का विषय नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे समाज की रोजमर्रा की सोच और व्यवहार का हिस्सा बनाना होगा। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने और उन्हें सही-गलत की पहचान कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना चाहिए। “एक बेटी शिक्षित होती है तो उसका ज्ञान और संस्कार पूरे परिवार को प्रभावित करते हैं।
नासिर हुसैन नागौरी ने क्विज़ में शामिल विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और ज्ञान बढ़ाने का अवसर देते हैं। शहज़ादी नागौरी ने कहा कि बेटियां समाज की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। इमरान मिर्ज़ा ने कहा कि तलबा देश और समाज का भविष्य हैं। शिक्षा के साथ अनुशासन और अच्छे संस्कार उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अरशद हुसैन नागौरी ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है। अज़हर खान ने विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि ज्ञान हासिल करने की कोई सीमा नहीं है और बच्चों को लगातार सीखने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
मौहम्मद रफ़ीक चाचा ने कहा कि इल्म इंसान की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और अच्छे चरित्र के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
क्विज़ कार्यक्रम में बूंदी और हिण्डोली के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी इस्लामी मालूमात एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को एजाज़-ए-इस्लाम से सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि इल्म, तरबियत, महिला सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम का संदेश “इल्म से रोशन होगा भविष्य,अच्छे अख़लाक से मजबूत होगा समाज,शिक्षा से सशक्त होंगी बेटियां और जागरूकता से सुरक्षित होगा समाज। कार्यक्रम में बूंदी ,हिण्डोली के पुरुष और महिलाएं ने भाग लिया, शाहबुद्दीन अंसारी,नाजिम हसनोत , अब्दुल वाहिद हस्नोत, शहजाद, समीर बेहलीम, आसिफ़, शौकत,वसीम खत्री,ख्वाजा अनवर,राहिल हसनोत अनीस जलाली , अल्ताफ ,नासिर हसनोत, रशीद अंसारी,वसीम ,इमरान ,मुस्ताक हिण्डोली,,
बदरुन्निशा नागौरी को - फाउंडर, उपाध्यक्ष अम्मा खदीजा फाउंडेशन,एग्जामिनर शाजिया बेगम,कुलसुम नागौरी,कमरुन्निशा,नसीम बानो,मिस्बाह नागौरी,समीरा मिर्ज़ा,शाह बनो तबस्सुम,नईमा, शाहीन,इशरत, सदफ मिर्ज़ा, क मिस्बाह,मुस्कान,अदनान आरिफ़ नागौरी,रेहान आरिफ़ नागौरी
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