भगतसिंह ने कहा था कि स्वतंत्रता आदमी का जन्मसिद्ध अधिकार है
० आशा पटेल ० मेरठ , उत्तर प्रदेश। जनवादी लेखक संघ मेरठ द्वारा शहीद ए आजम भगत सिंह का 119 वां जन्मदिन कचहरी प्रांगण मेरठ में मनाया गया। इस मौके पर सभी लेखकों ने अफसोस जाहिर किया कि यह भगत सिंह के सपनों का भारत नहीं है। जनवादी लेखक संघ के जिला मंत्री मुनेश त्यागी ने बताया कि भगत सिंह पढ़ने के शौकीन थे। उन्होंने शोषण, दरिद्रता और असमानता का गंभीर अध्ययन किया था। वे क्रांतिकारी आंदोलन के प्रकाश स्तंभ थे। मुनेश त्यागी ने बताया कि भगतसिंह ने जेल में 300 किताबें पढ़ी थीं और 37 देशी विदेशी लेखकों का अध्ययन किया था। भगत सिंह चार भाषाएं जानते थे और उन्होंने चार अखबारों प्रताप, प्रभा, महारथी और चांद में अनेकों लेख लिखे थे। भगत सिंह अपने साथियों में सबसे बड़े लेखक थे। क्रांतिकारियों द्वारा लिखे गए 137 लेखों में से 97 लेख भगत सिंह ने लिखे थे। उन्होंने बताया की भगत सिंह ने पूर्ण मुक्ति का उद्घोष किया, क्रांति की व्याख्या की। क्रांति के लिए किसानों मजदूरों को संगठित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि भगतसिंह ने क्रांति की वैज्ञानिक अवधारणा को स्थापित किया। हिंदी को राष्ट्रभाषा का ...